आज बदल जाएगा झारखंड का मौसम, 4 दिन तक तूफानी हवाओं के साथ होगी बारिश; ओले भी गिरेंगे
झारखंड के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। आईएमडी ने प्रदेश के कई जिलों में तूफानी हवाओं के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।

Jharkhand Weather: झारखंड में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम में बदलाव होने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग, रांची ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि 25 अप्रैल से 28 अप्रैल तक रांची समेत राज्य के कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ आंधी-बारिश के आसार हैं। कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं। आइए जानते हैं पूरे झारखंड के मौसम का हाल।
इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में इस बदलाव के बावजूद गर्मी से विशेष राहत की संभावना नहीं है। उमस परेशान कर सकती है। इस अवधि में रांची में अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम 24-25 डिग्री तक रह सकता है। शनिवार को संताल, कोल्हान, उत्तरी और दक्षिण छोटानागपुर में आंधी और ठनका की चेतावनी जारी की गई है। वज्रपात के साथ 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटा से हवा चल सकती है। ऐसी ही स्थिति 30 अप्रैल को भी राज्य के अन्य हिस्सों में बनी रहेगी।
जिला अस्पताल में इमरजेंसी हीट स्ट्रोक यूनिट
उपायुक्तों को कहा है कि मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी लू चेतावनी के आधार पर विभाग के समस्त चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट किया जाए और सभी चिकित्सकों एवं पारामेडिकल स्टॉफ को तैयार रहने हेतु निर्देशित करें। जिला अस्पताल में इमरजेंसी हीट स्ट्रोक यूनिट स्थापित किया जाए, जहां गंभीर मरीजों का त्वरित उपचार हो सके। जिले में ओआरएस वितरण केन्द्रों की स्थापना की जाए, जहां लोगों को निःशुल्क ओआरएस एवं हाइड्रेशन पैक दिया जाए। सभी एम्बुलेंस चालक एवं पैरामेडिक्स को थर्मल इमरजेंसी रिस्पॉन्स हेतु प्रशिक्षित किया जाए।
झारखंड में गर्मी को लेकर एडवाइजरी जारी
राज्य में पड़ने वाली भीषण गर्मी से बचाव, रोकथाम, निगरानी एवं उपचार को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने सभी जिलों को एडवायजरी जारी की है। साथ ही सभी मेडिकल कॉलेज, सिविल सर्जन एवं जिला अस्पताल के उपाधीक्षकों को अस्पतालों में लगने वाली आग से बचाव को लेकर उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के अनुसार राज्य में तापमान सामान्य से काफी अधिक बढ़ सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।
इसी को ध्यान में रखते हुए सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में हीट एक्शन प्लान लागू करते हुए व्यापक तैयारी सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पूर्व तैयारी के तहत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों, ओआरएस, आईवी फ्लूड और कूलिंग सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही डॉक्टरों, नर्सों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को हीट स्ट्रोक के इलाज के लिए विशेष प्रशिक्षण देने को कहा गया है। 108 एम्बुलेंस सेवाओं को भी जरूरी संसाधनों से लैस रखने और 104 हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों को सलाह देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
अस्पतालों के लिए पूर्व तैयारी
अभियान निदेशक ने कहा है कि हीट स्ट्रोक प्रबंधन हेतु जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र , सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला अस्पताल में आवश्यक दवाओं, आईवी फ्लूड्स, ओआरएस एवं कूलिंग ट्रीटमेंट सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी 108 एम्बुलेंस को निर्देशित करें कि वे हीटवेव आपात स्थिति में कोल्ड पैक, आईस पैक, टॉवेल एवं हाइड्रोजन सपोर्ट से सुसज्जित रहें। सीएचओ हीटवेव से प्रभावित व्यक्तियों की प्रारंभिक पहचान एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था संस्था स्तर पर सुनिश्चित करें। गर्भवती महिलाओं, हृदय रोगियों, मधुमेह रोगियों, उच्च रक्तचाप से ग्रस्त मरीजों एवं कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी की जाए, क्योंकि वे हीट स्ट्रोक के प्रति अधिक संवेदनशील होते है। सभी शहरी एवं ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों में हीट हेल्थ डेस्क स्थापित की जाए, जहां से आम आदमी लू से बचाव और उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकें।




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