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हाथ नहीं करते काम, मुंह से कॉपियां लिख स्टेट टॉपर बने झारखंड के फैजान; कितने अंक लाए

गोड्डा के शिवाजी नगर निवासी 100 प्रतिशत दिव्यांग (सेरेब्रल पाल्सी) छात्र मो. फैजानुल्लाह ने अपनी इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम के बल पर 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। अपनी कैटेगरी में फैजान स्टेट टॉपर बन गए हैं।

Fri, 24 April 2026 02:34 PMMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, रांची
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हाथ नहीं करते काम, मुंह से कॉपियां लिख स्टेट टॉपर बने झारखंड के फैजान; कितने अंक लाए

गोड्डा के शिवाजी नगर निवासी 100 प्रतिशत दिव्यांग (सेरेब्रल पाल्सी) छात्र मो. फैजानुल्लाह ने अपनी इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम के बल पर 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने कुल 500 अंकों में 469 अंक हासिल कर न केवल दिव्यांग वर्ग में स्टेट टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया, बल्कि अपने विद्यालय यूपीजी गवर्नमेंट हाई स्कूल, शिवाजी नगर में भी प्रथम स्थान पाया। उनकी इस सफलता से पूरे जिले में खुशी-गर्व का माहौल है।

हाथ से नहीं लिख पाते हैं फैजान

जन्म से ही शारीरिक रूप से अक्षम फैजानुल्लाह हाथों से लिख पाने में असमर्थ हैं, बावजूद इसके उन्होंने कभी अपनी परिस्थितियों को राह की बाधा नहीं बनने दिया। वे मुंह से लिखकर अपनी पढ़ाई करते हैं और इसी तरीके से परीक्षा भी दी।

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कैसे की पढ़ाई

फैजानुल्लाह को होम बेस्ड एजुकेशन के तहत शिक्षा दी जाती रही। इस व्यवस्था के अंतर्गत शिक्षक उनके घर जाकर नियमित रूप से पढ़ाई कराते थे, जिससे उनकी शिक्षा बाधित नहीं हुई। सीमित संसाधनों के बावजूद पढ़ाई के प्रति उनकी निरंतरता और समर्पण का ही परिणाम है कि उन्होंने सभी विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

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किस विषय में कितने अंक

जैक की 10वीं परीक्षा में उर्दू में 96, हिंदी में 90, गणित में 98, विज्ञान में 93, सामाजिक विज्ञान में 92 तथा अंग्रेजी में 84 अंक प्राप्त कर सभी विषयों में ए+ ग्रेड हासिल किया। इस सफलता के पीछे उनके परिवार और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके पिता मो. अनवर आलम और माता नजीमा ने हर परिस्थिति में बेटे का मनोबल बनाए रखा। वहीं प्रखंड संसाधन केंद्र, गोड्डा के रिसोर्स शिक्षक जीतेन्द्र कुमार भगत ने नियमित रूप से घर जाकर उन्हें पढ़ाया। डीडीसी के माध्यम से उन्हें एक लैपटॉप उपलब्ध कराया गया, जिसने उनकी पढ़ाई को नई दिशा दी।

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