झारखंड के इन जिलों में हुई झमाझम बारिश, तूफानी हवाओं के साथ गिरे ओले; येलो अलर्ट जारी
झारखंड में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से किसानों की खेती को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है।

Jharkhand Weather: झारखंड के मौसम कौ लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।राज्यभर के मौसम में बदलाव का दौर जारी है, जो और चार दिन तक बना रहेगा। मंगलवार को भी रांची, गुमला समेत कई जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। इससे सब्जियों और फसलों को काफी क्षति पहुंची। आइए जानते हैं पूरे झारखंड के मौसम का हाल।
रांची में कैसा रहेगा मौसम
रांची समेत राज्य के कई जिलों में अगले चार दिनों के दौरान हल्के बादल छाए रहेंगे। आंधी के साथ हल्के से मध्यम स्तर की बारिश की संभावना है। कहीं-कहीं वज्रपात की भी आशंका है। इसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, बादल-बारिश के कारण अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट के आसार हैं।
कहां-कहां हुई बारिश
गुमला जिले के भरनो प्रखंड में करीब 45 मिनट तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे सैकड़ों एकड़ जमीन पर लगीं सब्जियों समेत गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। वहीं लोहरदगा में आंधी से हुटाप के पास एक विशाल पेड़ गिर गया। इससे लोहरदगा-किस्को मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। इसके साथ ही कई जिलों में तेज बारिश और आंधी के साथ ओले गिरे। ओले गिरने और तेज हवाओं के कारण फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक बारिश 37.2 मिलीमीटर पूर्वी सिंहभूम में हुई। पश्चिमी सिंहभूम 9.6 मिमी, रांची में 4.8 मिमी, धनबाद में 4.6 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा सिमडेगा, रामगढ़ में हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में फिर बारिश की संभावना जताई है।
क्या बोला मौसम विभाग
मौसम विभाग, रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि आने वाले दिनों में अधिकतम पारा में तीन डिग्री तक गिरावट के आसार हैं। इस मौसम बदलाव का असर पलामू और आसपास के क्षेत्रों कम रह सकता है।
बता दें कि झारखंड के साथ ही देश के कई राज्यों में मौसम में बदलाव देखने को मिला है। देश की राजधानी दिल्ली, हरियाणा के साथ ही राजस्थान के कुछ इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला है। इस दौरान तेज गर्मी झेल रहे इलाकों में तापमान में गिरावट से राहत भी मिली है। हालांकि, फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।




साइन इन