पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को मिली जमानत, टेंडर घोटाले में 2 साल बाद जेल से रिहा
झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। आलम को गुरुवार को जेल से रिहा कर दिया गया। सोमवार को जमानत मिलने के बाद आदेश अपलोड ना हो पाने के कारण रिहाई नहीं हो पाई थी।

झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। आलम को गुरुवार को जेल से रिहा कर दिया गया। सोमवार को जमानत मिलने के बाद आदेश अपलोड ना हो पाने के कारण रिहाई नहीं हो पाई थी। अब आदेश अपलोड होने के बाद आलमगीर आलम को आज होटवार जेल से रिहा कर दिया गया। आलमगीर के साथ उनके पीए संजीव लाल को भी जेल से रिहा कर दिए गए हैं।झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। आलम को गुरुवार को जेल से रिहा कर दिया गया। सोमवार को जमानत मिलने के बाद आदेश अपलोड ना हो पाने के कारण रिहाई नहीं हो पाई थी। अब आदेश अपलोड होने के बाद आलमगीर आलम को आज होटवार जेल से रिहा कर दिया गया। आलमगीर के साथ उनके पीए संजीव लाल को भी जेल से रिहा कर दिए गए हैं।
बता दें कि आलमगीर आलम और उनके पीए की जमानत याचिका झारखंड हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद दोनों सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस मामले में आलमगीर आलम की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील ने दलील दी कि इस मामले में उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला है।
कोर्ट में वकीलों ने क्या दी दलील
कोर्ट में पेश हुए वकील ने दलील दी कि आलमगीर आलम के खिलाफ जांच के दौरान किसी तरह की आपत्तिजनत सामग्री या नगदी बरामद नहीं हुई थी। वकीलों ने कहा कि इसलिए दोनों को जमानत दे देनी चाहिए। इस दौरान वकीलों ने यह भी कहा कि आलमगीर आलम की तबीयत ठीक नहीं रहती है और वो कई तरह की बीमारियों से जूझ रहे हैं। इन सभी दलीलों के बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत देने की बात कही।
पिछले साल हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री रहे आलमगीर आलम की जमानत याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।




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