झारखंड पहले अपना हिस्सा देगा तभी केंद्र सरकार से मिलेगी राशि, JJM को लेकर जल शक्ति मंत्रालय ने रखी शर्त
जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के लिए केंद्रीय मद से पहले राज्य सरकार को अपना हिस्सा जारी करना अनिवार्य होगा। ऐसा होने के बाद ही केंद्र सरकार अपना हिस्सा जारी करेगी। जेजेएम 2.0 के लिए यह अनिवार्य शर्त है। योजना के बचे कार्यों के लिए शेष राशि 10,781.54 करोड़ रुपए है।

जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के लिए केंद्रीय मद से पहले राज्य सरकार को अपना हिस्सा जारी करना अनिवार्य होगा। ऐसा होने के बाद ही केंद्र सरकार अपना हिस्सा जारी करेगी। जेजेएम 2.0 के लिए यह अनिवार्य शर्त है। योजना के बचे कार्यों के लिए शेष राशि 10,781.54 करोड़ रुपए है। इसमें केंद्र का हिस्सा जहां 6,270.37 करोड़ है, वहीं राज्य का 4,511.17 करोड़। जेजेएम 2.0 योजना को राज्य में शुरू करने से पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और राज्य सरकार के पेयजल और स्वच्छता विभाग के बीच समझौता होगा।
क्या हैं शर्तें
केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जेजेएम 2.0 के अनुमोदन के बाद राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को एमओयू पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि इससे पहले पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को कैबिनेट से स्वीकृति लेनी होगी। जेजेएम 2.0 योजना की एक शर्त यह भी है कि सुजलम भारत नामक एक समान राष्ट्रीय डिजिटल ढांचा में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को आईडी क्रिएशन भी 100% करना अनिवार्य होगा। केंद्रीय मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद विभाग द्वारा यह आंकड़ा 37% के आसपास तक पहुंचाया गया है।
एक और निर्देश
जल जीवन मिशन के निदेशक कमल किशोर सोन (एडिशनल सेक्रेटरी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय) ने दो अप्रैल को राज्य सरकार के अधिकारियों संग बैठक की थी। इसमें उन्होंने जेजेएम 2.0 को लेकर योजना की शर्तों की जानकारी दी। एमओयू पर जल्द पहल करने का भी निर्देश दिया। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत योजनाओं की चुनौतियों का समाधान करने के लिए सुजलम भारत बनाया गया है। इसके तहत प्रत्येक गांव को एक विशिष्ट सुजल गांव या सेवा क्षेत्र आईडी आवंटित की गई है।
जानिए योजना का ब्योरा
● जेजेएम (कुल परियोजना लागत) - 24,665.30 करोड़
● केंद्रांश - 12,257.83 करोड़
● राज्यांश - 12,407.47 करोड़
● परियोजना लागत में से जारी की गई राशि - 13,883.76 करोड़
● केंद्र - 5987.46 करोड़
● राज्य - 7896.30 करोड़
● 31 मार्च 2026 तक खर्च की गई राशि - 13,622.58 करोड़
● केंद्र - 6013.60 करोड़
● राज्य - 7608.98 करोड़




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