Jharkhand constable examination deal was struck for 13 lakh each to ensure candidates passed झारखंड में कांस्टेबल की परीक्षा पास कराने के लिए 13-13 लाख में हुई थी डील, चौंकाने वाले खुलासे, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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झारखंड में कांस्टेबल की परीक्षा पास कराने के लिए 13-13 लाख में हुई थी डील, चौंकाने वाले खुलासे

झारखंड में कांस्टेबल की परीक्षा में चिटिंग करते पकड़े गए अभ्यर्थी पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने पुलिस को बताया कि बिहार के सॉल्वर गैंग ने परीक्षा पास कराने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 13-13 लाख रुपए मांगे थे। दो-दो लाख पहले और बाकी 11 लाख परीक्षा पास होने के बाद देना था।

Mon, 11 May 2026 09:40 AMSubodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड में कांस्टेबल की परीक्षा पास कराने के लिए 13-13 लाख में हुई थी डील, चौंकाने वाले खुलासे

झारखंड में कांस्टेबल की परीक्षा में चिटिंग करते पकड़े गए अभ्यर्थी पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने पुलिस को बताया कि बिहार के सॉल्वर गैंग ने परीक्षा पास कराने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 13-13 लाख रुपए मांगे थे। दो-दो लाख पहले और बाकी 11 लाख परीक्षा पास होने के बाद देना था। सभी 6 अभ्यर्थियों से कुल 78 लाख रुपये की डील हुई थी।

छह अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था

पुलिस ने नौ मई को एसएससी जीडी कांस्टेबल की परीक्षा में चिटिंग करते छह अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। रांची के पंडरा में द फ्यूचरिझारखंड में कांस्टेबल की परीक्षा में चिटिंग करते पकड़े गए अभ्यर्थी पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने पुलिस को बताया कि बिहार के सॉल्वर गैंग ने परीक्षा पास कराने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 13-13 लाख रुपए मांगे थे। यानी उनके साथ कुल 78 लाख रुपये की डील हुई थी। दो-दो लाख रुपए पहले और बाकी 11 लाख परीक्षा पास होने के बाद देना था।

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कुल 78 लाख रुपए की डील हुई

स्टिक ऑनलाइन एग्जामिनेशन सेंटर से गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि बिहार के सॉल्वर गैंग ने परीक्षा पास कराने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 13-13 लाख रुपए मांगे थे। यानी उनके साथ कुल 78 लाख रुपये की डील हुई थी। गिरफ्तार अभ्यर्थियों में कोडरमा का आर्यन कुमार, हजारीबाग का राहुल कुमार, गुमला का रवि रंजन कुजूर, बिहार के मधुबनी का ऋषिकेश यादव, पटना के कन्हाईपुर का राजकुमार और बिहार के ही अरवल स्थित मेहंदिया की अनु कुमारी शामिल है।

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हर बात फोन पर होती थी

अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा देने के तीन दिन बाद गैंग ने अभ्यर्थियों से दो-दो लाख रुपए देने के लिए कहा था। शेष 11 लाख परीक्षा पास होने के बाद देना था। अभ्यर्थियों ने बताया कि गैंग के लोग उनसे कभी मिले नहीं हैं। हर बात फोन पर होती थी। गैंग वालों ने कहा था कि उन्हें सिर्फ परीक्षा में बैठना है, प्रश्नों का उत्तर ऑनलाइन हल कर दिया जाएगा।

कंप्यूटर और मोबाइल की जांच शुरू

इधर, रांची पुलिस ने जब्त कंप्यूटर और मोबाइल की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को गैंग के अन्य लोगों की भी जानकारी मिली है। छापेमारी के दौरान सेंटर मालिक और टेक्निकल सुपरिंटेंडेंट फरार हो गए। पुलिस अफसरों का कहना है कि सॉल्वर गैंग के साथ इन दोनों की भी मिलीभगत है।

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मास्टर कंप्यूटर से किया जा रहा था ऑपरेट

पुलिस टीम पहुंची तो रिमोट एक्सेस के जरिये कंप्यूटर में प्रश्न पत्र के उत्तर टिक किए जा रहे थे। पुलिस ने सेंटर से मास्टर कंप्यूटर को भी जब्त किया। बताया जा रहा है कि अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को मास्टर कंप्यूटर से ऑपरेट किया जा रहा था। उसके बाद उसे फायरबॉल से कनेक्ट कर उत्तर दिया जा रहा था।

कपड़ों की भी भेजी थी फोटो

सेंटर में शनिवार को परीक्षा हुई थी। तभी एसएसपी राकेश रंजन को इसमें गड़बड़ी की सूचना मिली। कोतवाली एएसपी निखिल राय के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने शनिवार को केंद्र में छापा मारा तो चिटिंग करते हुए महिला समेत छह अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए अभ्यर्थियों का पुलिस ने मोबाइल भी जब्त कर लिया है। पूछताछ में अभ्यर्थियों ने बताया कि जिन कपड़ों में परीक्षा देनी थी, उसकी फोटो उनसे मांगी गई थी। इसलिए उन्होंने फुल तस्वीर खींचकर सॉल्वर गैंग को भेजी थी। गैंग ने अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को एक्सेस किया और उत्तर खुद दिया।