रांची को मिलेगी भीड़भाड़ व जाम से मुक्ति, सरकार ने इन दो इलाकों में दी 2 फ्लाईओवर बनाने को मंजूरी
राज्य में AI इनोवेशन और इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए Google LLC और स्वास्थ्य विभाग के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर करने को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा, कैबिनेट ने 'झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियम-2026' को भी पूर्वव्यापी मंजूरी दे दी।

झारखंड में मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें एक साथ कुल 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक के दौरान रांची में दो फ्लाईओवर बनाने और पलामू के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में एक इनोवेशन (नवाचार) और इनक्यूबेशन सेंटर फाउंडेशन स्थापित करने को मंजूरी दी गई, साथ ही प्रदेश के विभिन्न स्कूलों के लिए विभिन्न मामलों के मानक बनाने के लिए भी एक प्राधिकरण बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। इस बैठक के दौरान उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजे जाने वाले आरक्षित वर्गों के बच्चों की संख्या को भी 25 से बढ़ाकर 50 कर दिया गया।
इस बारे में जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव (कैबिनेट सचिवालय) वंदना दादेल ने पत्रकारों को बताया कि कैबिनेट की बैठक के दौरान राजधानी में जिन दो फ्लाईओवर को बनाने की मंजूरी दी गई, उनमें से पहला फ्लाईओवर अरगोड़ा चौक पर बनाया जाएगा, जो हरमू को डिबडीह पुल से जोड़ेगा, जबकि दूसरा फ्लाईओवर करमटोली को साइंस सिटी से जोड़ेगा।
कुल 820 करोड़ की लागत से बनेंगे दोनो फ्लाईओवर
अधिकारी ने आगे कहा कि, 'अरगोड़ा चौक पर बनने वाला फ्लाईओवर 3.804 किलोमीटर लंबा होगा और इस प्रोजेक्ट पर लगभग 469.61 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जबकि करमटोली से साइंस सिटी के बीच बनने वाला दूसरा फ्लाईओवर 3.216 किलोमीटर लंबा होगा और उस पर लगभग 351.14 करोड़ रुपए खर्च होंगे।'
पलामू इंजीनियरिंग कॉलेज में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
कैबिनेट की इस बैठक के दौरान पलामू के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘GEC पलामू इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर फाउंडेशन’ स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई। इस बारे में वंदना दादेल ने बताया कि इस फाउंडेशन के तहत चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। जिनमें सिविल निर्माण और नगर नियोजन, सस्टनेबल और रिन्यूवेबल टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स (जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग शामिल हैं), और रोबोटिक्स व ऑटोमेशन शामिल हैं।
स्कूलों के लिए स्टैंडर्ड्स तय करने वाली संस्था को भी मंजूरी
बैठक में कैबिनेट ने राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण (SSSA) स्थापित करने को भी मंजूरी दी, जिसका प्रस्ताव राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत रखा गया था। SSSA एक ऐसी संस्था होगी जो झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के तहत आने वाले स्कूलों के लिए सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, कर्मचारियों, प्रशासन और अन्य मामलों से जुड़े मानक तय करेगा।
उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजे जाएंगे 50 बच्चे
सरकार ने 'मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ओवरसीज स्कॉलरशिप स्कीम' ( विदेश छात्रवृत्ति योजना) के तहत हर साल लाभ पाने वाले छात्रों की संख्या को भी 25 से बढ़ाकर 50 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए हर साल 20 अनुसूचित जनजाति, 10 अनुसूचित जाति, 14 OBC और 6 अल्पसंख्यक छात्रों को विदेश भेजा जाएगा।
गूगल के साथ समझौता करेगा स्वास्थ्य विभाग
राज्य में AI इनोवेशन और इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए Google LLC और स्वास्थ्य विभाग के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर करने को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा, कैबिनेट ने 'झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियम-2026' को भी पूर्वव्यापी मंजूरी दे दी।




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