गुजरात निकाय चुनाव में कई उलटफेर; RJ आभा व रवींद्र जडेजा की बहन से जेल में बंद दो कैंडिडेट तक, क्या रहा परिणाम?
इन चुनावों को अगले साल यानी साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल मुकाबला माना जा रहा था और इन चुनावों में भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस व आम आदमी पार्टी समेत अन्य दलों को टेंशन दे दी है।

गुजरात में 26 अप्रैल को स्थानीय निकाय चुनावों के लिए हुए मतदान के परिणाम मंगलवार को आ गए। इन चुनावों में भाजपा ने एकबार फिर एकतरफा जीत दर्ज करते हुए विपक्षी दलों को खुश होने का मौका नहीं दिया। हालांकि कई ऐसी सीट्स रहीं, जहां कांग्रेस समेत अन्य दलों ने सत्ताधारी पार्टी को चौंका दिया। इसके अलावा कई सीटों पर उलटफेर भी देखने को मिला। इस दौरान कई बड़े नामों को हार का स्वाद चखना पड़ा, वहीं कुछ ऐसे उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर ली जो अपने प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले थोड़े कमजोर नजर आ रहे थे।
जडेजा की बड़ी बहन की हुई हार
भारतीय क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की बड़ी बहन नयनाबा राजकोट के वार्ड नंबर दो से कांग्रेस के टिकट पर खड़ी हुई थीं, लेकिन वह जीत दर्ज नहीं कर सकीं और चुनाव हार गईं। नयनाबा जडेजा को कुल 6000 वोट हासिल हुए। राजकोट नगर निगम के चुनावों में कांग्रेस ने कुल 72 में से सिर्फ 7 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि भाजपा ने 65 सीटों पर जीत दर्ज की।
RJ आभा देसाई को भी मिली मात
राजकोट नगर निगम के वार्ड नंबर 10 में कांग्रेस की तरफ से खड़ी हुईं RJ आभा को इस चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा। 'रेडियो जॉकी' होने की वजह से आभा देसाई युवाओं के बीच लोकप्रिय थीं, जिसके चलते कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया था। हालांकि वह अपनी लोकप्रियता को जीत के रूप में नहीं भुना सकीं। वहीं चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस प्रत्याशी ने अपनी हार स्वीकार करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पार्टी के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही, राजकोट की जनता का भी आभार जताया और यह आश्वासन दिया कि वे सदैव लोगों के बीच रहेंगी और जनता के हित में कार्य करती रहेंगी।
अमरेली में लोक साहित्यकार माया भाई अहीर की बेटी हारीं
अमरेली जिले की लाठी तालुका पंचायत की चावंड सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार शांतिबेन डेरे ने जीत हासिल की है, जबकि BJP उम्मीदवार सोनलबेन डेरे को हार का सामना करना पड़ा है। इस नतीजे पर खास ध्यान गया है, क्योंकि सोनलबेन मशहूर लोक साहित्यकार माया भाई अहीर की बेटी हैं।
ऊना नगरपालिका में राजल बारोट की जीत
उधर गिर सोमनाथ की ऊना नगरपालिका में लोक गायिका राजल बारोट जीत गई हैं। सौराष्ट्र की मशहूर लोक गायिका और भाजपा उम्मीदवार राजल बारोट ने वार्ड नंबर 7 से शानदार जीत हासिल की। वे प्रदेश के मशहूर लोक गायक दिवंगत मणिराज बारोट की बेटी हैं। जीत के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए ऊना नगर पालिका वार्ड नंबर 7 के सभी मतदाताओं का बहुत-बहुत धन्यवाद कहा।
नेहा सुथार ने भाजपा के टिकट पर दर्ज की जीत
लोक गायिका नेहा सुथार ने भी इन चुनावों में जीत दर्ज की है। उन्होंने मेहसाणा जिले की विजयपुर तालुका पंचायत की फुडेडा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए 1390 से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस जीत के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जनता का आभार जताया। उन्होंने लिखा, 'फुडेडा तालुका पंचायत के सभी मतदाता, बड़े-बुजुर्ग, कार्यकर्ता, मित्र, प्रियजन, शुभचिंतक, चाहे वे परिचित हों या अपरिचित, और चाहे प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हों या अप्रत्यक्ष रूप से, चुनाव प्रक्रिया में भारी संख्या में मतदान करके सहयोग दिया है, मैं आप सभी के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं।'
जामनगर में जेल में बंद दो उम्मीदवार जीते
जामनगर नगर निगम में वार्ड नंबर 12 से कांग्रेस उम्मीदवार अल्ताफ खाफी ने जीत दर्ज की। खास बात यह है कि वे फिलहाल जेल में हैं और उन्होंने जेल में रहते हुए ही चुनाव जीत लिया। जिसके बाद अल्ताफ खाफी के समर्थकों ने उनकी तस्वीर वाले फ्रेम के साथ इलाके में विजय जुलूस निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में परिवार के सदस्य और समर्थक शामिल हुए। खाफी के अलावा आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार असलम खिलजी ने भी जेल में रहते हुए चुनाव में जीत दर्ज की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार खिलजी पर हत्या, डकैती, और गैंगवार जैसे कई गंभीर आरोपों में मामले दर्ज हैं। इसके अलावा इन दोनों के खिलाफ चुनावों से पहले GUJCTOC एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
अरावली में पूर्व IPS मनोज निनामा की हार
उधर रिटायरमेंट से तीन महीने पहले VRS लेकर राजनीति में कदम रखने वाले गुजरात कैडर के IPS अधिकारी मनोज निनामा को भी हार का मुंह देखना पड़ा है। पूर्व IPS अधिकारी अरावली में भाजपा के टिकट पर खड़े हुए थे। निनामा ने ओड जनपद पंचायत से चुनाव लड़ा था। हालांकि उनकी राजनीतिक लॉन्चिंग फ्लॉप रही।
इन चुनावों को अगले साल यानी साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल मुकाबला माना जा रहा था और इन चुनावों में भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस व आम आदमी पार्टी समेत अन्य दलों को टेंशन दे दी है।
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