कल से बदल जाएगा जमशेदपुर के निजी स्कूलों का समय, क्या होगी नई टाइमिंग
जमशेदपुर में निजी स्कूलों के खुद बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों का समय बदले जाने के बाद अब अनएडेड स्कूल एसोसिएशन ने भी सोमवार से निजी स्कूलों का समय बदलने की औपचारिक घोषणा कर दी है।

जमशेदपुर में निजी स्कूलों के खुद बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों का समय बदले जाने के बाद अब अनएडेड स्कूल एसोसिएशन ने भी सोमवार से निजी स्कूलों का समय बदलने की औपचारिक घोषणा कर दी। मौसम विभाग की ओर से आगामी सप्ताह में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की चेतावनी जारी करने के बाद एसोसिएशन ने सोमवार से स्कूलों के समय में परिवर्तन की घोषणा की है। इसके तहत अब स्कूलों का समय सुबह जल्दी शुरू होकर दोपहर में जल्दी छुट्टी कर दी जाएगी। यह फैसला बच्चों के स्वास्थय को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
क्या होगी स्कूल की टाइमिंग
इस नए निर्णय के तहत अब सभी निजी स्कूलों में कक्षाएं सुबह 6.45 बजे से शुरू होंगी और दोपहर 11.30 बजे छात्रों की छुट्टी कर दी जाएगी। यह कदम मुख्य रूप से दोपहर के समय सूरज की तपिश और गर्मी के बढ़ते प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए उठाया गया है। अनएडेड स्कूल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शरत चंद्रन ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि क्षेत्र में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी। दोपहर के वक्त धूप और लू का असर ज्यादा रहता है, जिससे स्कूल से घर लौटते समय बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानते हुए एसोसिएशन ने सभी संबद्ध स्कूलों के साथ विचार-विमर्श किया, जिसपर सभी स्कूलों ने सहमति जताई है।
अभिभावकों को नए समय सारिणी की भेजी गई सूचना
प्रशासनिक स्तर पर लिए गए फैसले के बाद शनिवार से ही सभी अभिभावकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबरों और स्कूल एप के माध्यम से बदलाव की सूचना भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शरत चंद्रन ने स्पष्ट किया कि सोमवार से शहर के सभी निजी शिक्षण संस्थान इसी नए समय सारिणी के अनुसार संचालित होंगे।
स्कूली वैन में जीपीएस लगाना होगा अनिवार्य
शहर में हाल के दिनों में स्कूली वाहनों के साथ हुई अनपेक्षित घटनाओं और अभिभावकों की बढ़ती चिंताओं को देखते हुए अगले माह से सभी स्कूली वैन में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अभिभावक न केवल अपने बच्चों की लोकेशन ट्रैक कर सकेंगे, बल्कि वाहन की गति और मार्ग पर भी नजर रख पाएंगे।
यह नियम केवल नए वाहनों के लिए नहीं है, बल्कि वर्तमान में चल रहे पुराने वैनों में भी जीपीएस सिस्टम इंस्टॉल करना होगा। जमशेदपुर के करीब 173 स्कूलों में वर्तमान में लगभग दस हजार वैन संचालित हो रहे हैं। इन सभी वाहन चालकों को हिदायत दी गई है कि वे गर्मी की छुट्टियों के दौरान अपने वाहनों में जीपीएस लगवा लें। छुट्टियां खत्म होते ही शिक्षा विभाग व्यापक स्तर पर इसकी निगरानी करेगा। विशेष अभियान चलाया जाएगा और चालकों के चरित्र प्रमाण पत्र से लेकर ओवरलोडिंग समेत बिना जीपीएस के पाए जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही स्कूली बसों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरे लगाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षा विभाग स्कूलों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर इस योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी में है। इस नई पहल का स्वागत करते हुए स्कूल वाहन सेवा संचालक समिति के अध्यक्ष संतोष मंडल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन के हर न्यायोचित कवायद का समर्थन करते हैं। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में वैनों में एक साथ सिस्टम लगवाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन हम सभी चालकों से अपील कर रहे हैं कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर जीपीएस लगवा लें, ताकि बच्चों के साथ चालक भी सुरक्षित रहें और अभिभावकों का भरोसा बना रहे।




साइन इन