Hemant Soren Govt to Combat Overseas Job Frauds with New Overseas Employment Act विदेश में जॉब करने का सपना? झारखंड सरकार ला रही ‘ओवरसीज इम्प्लॉयमेंट एक्ट’, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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विदेश में जॉब करने का सपना? झारखंड सरकार ला रही ‘ओवरसीज इम्प्लॉयमेंट एक्ट’

जल्द ही इसे अंतिम रूप देकर विधानसभा में पास कराया जाएगा। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षित, पारदर्शी और कानूनी तरीके से विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराना है।

Mon, 13 April 2026 10:18 AMMohit हिन्दुस्तान, नितेश ओझा, रांची
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विदेश में जॉब करने का सपना? झारखंड सरकार ला रही ‘ओवरसीज इम्प्लॉयमेंट एक्ट’

झारखंड के श्रमिकों को विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर हो रही धोखाधड़ी और शोषण पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा एक नया कानून तैयार किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित कानून का नाम ‘झारखंड ओवरसीज इम्प्लॉयमेंट (रेगुलेशन, फैसिलिटेशन एंड वेलफेयर) एक्ट’ रखा गया है। फिलहाल यह प्रस्ताव प्रारंभिक चरण में है, लेकिन जल्द ही इसे अंतिम रूप देकर विधानसभा में पास कराया जाएगा। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षित, पारदर्शी और कानूनी तरीके से विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराना है।

राज्य सरकार का यह प्रस्तावित कानून केंद्र सरकार के मौजूदा ‘प्रवासन अधिनियम, 1983’ के साथ समन्वय बनाकर काम करेगा। ‘प्रवासन अधिनियम, 1983’ भारत से विदेशों में रोजगार के लिए जाने वाले नागरिकों के प्रवासन को नियंत्रित करने वाला प्रमुख कानून है। इसका उद्देश्य श्रमिकों के शोषण को रोकना और भर्ती एजेंसियों को विनियमित करना है। झारखंड सरकार का यह प्रस्तावित कानून राज्य स्तर पर एक मजबूत ढांचा तैयार करेगा, जो केंद्र की नीतियों के साथ मिलकर काम करेगा। इससे न केवल श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि विदेश रोजगार की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो सकेगी।

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श्रमिकों और भर्ती एजेंसियों को कानूनी प्रक्रिया का करना होगा पालन

कानून के लागू होने के बाद विदेश में काम करने के इच्छुक श्रमिकों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा, वहीं भर्ती एजेंसियों के लिए वैध लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया जाएगा। विदेश भेजने वाली सभी कंपनियों और एजेंसियों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण के किसी भी व्यक्ति या संस्था को श्रमिकों को विदेश भेजने की अनुमति नहीं होगी। इससे फर्जी एजेंसियों और बिचौलियों पर लगाम लगने की उम्मीद है।

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बेहतर रोजगार की तलाश में श्रमिक जाते रहे हैं विदेश

विशेषज्ञों के अनुसार, रोजगार की तलाश में झारखंड से विदेश जाने वाले श्रमिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोगों में। ऐसे जिलों में हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह और संताल परगना प्रमुखता से शामिल हैं। बेहतर रोजगार और आय की तलाश में ये लोग खाड़ी देशों सहित अन्य देशों की ओर रुख करते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि एजेंसियां या बिचौलिए श्रमिकों को गलत जानकारी देकर उन्हें विदेश भेज देते हैं। हालांकि बाद में उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे गलत जानकारी, अनुबंध का उल्लंघन, वेतन न मिलना और कार्यस्थल पर शोषण।

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श्रमिकों का व्यवस्थित डाटाबेस तैयार होगा

वैश्विक संकट की स्थिति (हाल के दिनों में ईरान-अमेरिका या इजरायल युद्ध) में भी इस तरह का कानून जरूरी माना जा रहा है। वैश्विक संकट के समय विदेशों में काम कर रहे श्रमिकों का सही डाटा और उनकी स्थिति की जानकारी लेना भी काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ है। नए कानून के जरिए सरकार श्रमिकों का एक व्यवस्थित डाटाबेस तैयार करेगी, जिससे आपात स्थिति में उनकी सहायता की जा सके।