अब झारखंड के पुलिसकर्मियों के 10 साल की सैलरी की होगी जांच, DGP ने दिया आदेश
बोकारो और हजारीबाग में पुलिसकर्मियों के वेतन की अवैध निकासी मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सभी जिलों के साथ-साथ पुलिस की तमाम ईकाइयों में 10 साल की सैलरी की निकासी की जांच का आदेश दिया है।

बोकारो और हजारीबाग में पुलिसकर्मियों के वेतन की अवैध निकासी मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सभी जिलों के साथ-साथ पुलिस की तमाम ईकाइयों में 10 साल की वेतन की निकासी की जांच का आदेश दिया है।
डीजीपी ने इस मामले में गुरुवार शाम जिलों के एसपी, डीआईजी और आईजी स्तर के अफसरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसके बाद उनके आदेश पर डीआईजी बजट ने सभी जिलों के एसपी समेत तमाम पुलिस ईकाइयों के प्रमुख को आदेश जारी किया। अवैध निकासी का दायरा बढ़ने के संकेत भी पुलिस मुख्यालय को मिले हैं, ऐसे में सभी जिलों से 10 सालों की वेतन निकासी की पूरी जांच कराकर रिपोर्ट मांगी गई है। आगे ऐसी अनियमितता न हो, इसके लिए सावधानी बरतने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
एसीबी जांच की भी तैयारी
इस केस में आरोपी पुलिसकर्मियों द्वारा पद के दुरुपयोग, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में अलग से कार्रवाई की तैयारी है। वहीं गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों को भी सीज किया गया है। जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अलग से एसीबी जांच की सिफारिश जल्द ही भेजी जाएगी।
पलामू में निकासी की कराई गई जांच
हजारीबाग-बोकारो के बाद पलामू पुलिस में भी अवैध निकासी की शिकायत मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्त सचिव को राज्य के सभी जिलों में व्यापक जांच का निर्देश दिया है। वित्त सचिव को हिदायत दी है कि गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को संसूचित करें कि हर जिले में अकाउंटेंट कितने वर्षों से तैनात हैं यह वे देखें।
पलामू के संदर्भ में वित्त मंत्री ने कहा कि पलामू उपायुक्त द्वारा भेजे गए जांच प्रतिवेदन के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तविकता क्या है। इधर, वित्त मंत्री के आदेश के बाद पलामू में जांच शुरू कर दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा है कि बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी से अवैध निकासी की जांच में निकासी की राशि में लगातार वृद्धि की बात सामने आई है।
पलामू उपायुक्त बोलीं, जांच में नहीं मिली कोई गड़बड़ी
इधर, पलामू की उपायुक्त समीरा एस ने बताया कि गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए उन्होंने कोषागार की जांच कराई, पर फिलहाल किसी तरह की अनियमितता नहीं मिली है। पलामू के कोषागार पदाधिकारी सोमरा भगत ने भी बताया कि गड़बड़ी की आशंका के बाद डीसी के आदेश पर ट्रेजरी की जांच कर उन्हें रिपोर्ट सौंप दी गई है।




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