धनबाद बाथरूम मिस्ट्री: 4 दिन बाद मिला बहन का अधजला शव, भाइयों के बयानों से बढ़ा सस्पेंस
7 अप्रैल को कथित तौर पर हुई मौत के चार दिन बाद महिला का आधा जला शव उसके घर के बाथरूम से बरामद किया गया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतका के दोनों भाइयों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं।

धनबाद के गोविंदपुर इलाके में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 7 अप्रैल को कथित तौर पर हुई मौत के चार दिन बाद महिला का आधा जला शव उसके घर के बाथरूम से बरामद किया गया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतका के दोनों भाइयों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं।
लंबे समय से बीमार थी महिला
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतका की पहचान लिपिका कुमारी के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ समय से बीमार और मानसिक तनाव में बताई जा रही थीं। उनके पिता, जो सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड फोरेंसिक रिसर्च में वैज्ञानिक रह चुके थे, का 2023 में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। इसके बाद से लिपिका अवसाद में थीं और लंबे समय से बिस्तर पर थीं।
बड़ा भाई बोला- उल्टी के बाद हुई बेहोश
बड़े भाई प्रणव राजयवर्धन के अनुसार, 7 अप्रैल को लिपिका की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उन्होंने कई बार उल्टी की। प्रणव का दावा है कि उन्होंने बहन की देखभाल की, लेकिन कुछ देर बाद वह बेहोश होकर गिर गईं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने छोटे भाई को इसकी सूचना दी, लेकिन वह तीन-चार दिन तक घर नहीं आया।
लाश सड़ने लगी, तो जलाना शुरू कर दिया…
प्रणव ने यह भी कहा कि चार दिन तक शव घर में पड़ा रहा, जिससे उसमें सड़न और कीड़े पड़ गए थे। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने शव को जलाने की कोशिश की। उनका कहना है कि छोटे भाई प्रद्युत ने शव देखा था और उन्हें जानकारी थी। हालांकि, छोटे भाई प्रद्युत राजयवर्धन ने इस दावे को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उन्हें न तो घटना के समय कोई जानकारी दी गई और न ही उन्होंने शव देखा। उन्होंने बताया कि जब तक उन्हें सूचना मिली, तब तक पुलिस शव बरामद कर चुकी थी।
पुलिस ने अधजला शव बरामद किया
चार दिन बाद जब घर से बदबू आने लगी, तब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बाथरूम से आधा जला शव बरामद किया। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। भाइयों के विरोधाभासी बयानों ने इस पूरे घटनाक्रम को और रहस्यमय बना दिया है।
झारखंड के पलामू जिले में सोमवार को अज्ञात बदमाशों ने एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालिका को कथित रूप से गोली मार दी और उसके पास से तीन लाख रुपये लूट लिये। पुलिस ने यह जानकारी दी। ग्रामीण क्षेत्रों में सीएससी संचालक आधार अद्यतन से लेकर, जन्म एवं जाति प्रमाण पत्र जारी करने तक तथा बैंकिंग और बीमा जैसी विभिन्न जनसेवाएं प्रदान करते हैं। घायल महिला की पहचान शमा परवीन के रूप में हुई है, जिन्हें लातेहार जिले के बरवाडीह स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।




साइन इन