विक्रमशिला पुल धंसने से फल व अनाज व्यापारियों पर पड़ेगा प्रतिकूल असर
भागलपुर में विक्रमशिला पुल धंसने से देवघर जिला और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को आने-जाने और माल ढुलाई में परेशानी होगी। वैकल्पिक मार्ग 100 किलोमीटर लंबा हो गया है, जिससे परिवहन लागत बढ़ेगी और बाजार में वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। स्थानीय व्यापारियों की आजीविका पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।

देवघर,प्रतिनिधि। भागलपुर में विक्रमशिला पुल धंसने से देवघर जिला सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों को आने-जाने में और माल ढुलाई में परेशानी होगी। यह पुल बिहार के नवगछिया, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार से भागलपुर और झारखंड से जुड़ने का मुख्य साधन था।
पुल धंसने के प्रभाव
जिसके माध्यम से फल, सब्जी,अनाज एवं अन्य वस्तुओं का आवागमन जिला सहित आसपास के क्षेत्रों में होता है। पुल धंसने से अब वैकल्पिक मार्ग करीब एक सौ किलोमीटर लंबा हो गया है, जिससे अब परिवहन का किराया महंगा हो जाएगा। इससे फल, सब्जी, अनाज एवं अन्य वस्तुओं के आवागमन पर परिवहन लागत बढ़ेगी। जिससे बाजार में वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं। इस पुल के धंसने से स्थानीय व्यापारियों सहित आसपास क्षेत्र के व्यापारियोंऔर आमलोगों की आजीविका पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। हालांकि देवघर बस स्टैंड से चलने वाली बसें बहुत कम ही भागलपुर बिक्रमशिला पुल के उस पार जाती है।
बस सेवाओं पर असर
देवघर बस स्टैंड से अधिकतर बसें भागलपुर, सुल्तानगंज, मुंगेर, दुमका, गोड्डा, साहेबगंज, रांची, हजारीबाग, कोलकाता सहित अन्य जगहों के लिए चलती हैं। इक्का दुक्का बस ही बिक्रमशिला पुल के उस पार सहरसा, पुर्णिया और कटिहार के लिए खुलती है। ये बसे रांची तक जाती है। इन बसों से सवारी करने वाले यात्रियों को अब लंबी दूरी तय कर सफर करना होगा, जो यात्रियों के लिए महंगा होगा। वहीं स्थानीय बाजार समिति में गंगा के उस पार से फल और अनाज आता है, जो कि अब यहां आने में वाहन का किराया अधिक देना होगा और इससे फलों और अनाजों की कीमतों में आंशिक वृद्धि हो सकती है। इस पुल के धंसने से स्थानीय व्यापारियों और आमलोगों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
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