3 दिन पहले भेजी थी पहली कमाई, अब पहुंची लाश; दिल्ली होटल आग में बोकारो की बेटी ने भी जान गंवाई
उसे क्या पता था कि उसकी पहली कमाई ही उसकी आखिरी कमाई बन जाएगी। दिल्ली के होटल में लगी आग में जान गंवाने बेटी ने तीन दिन पहले ही अपनी पहली कमाई घर भेजी थी और अब उसकी लाश पहुंच गई। हादसे के समय वह अपनी मां से मोबाइल पर बात कर रही थी। इसी दौरान होटल में अचानक आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई।

दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड ने बोकारो जिले के जैनामोड़ के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। श्रुतिका एक मेधावी और महत्वाकांक्षी छात्रा थीं। वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) के स्कूल ऑफ हैबिटेट स्टडीज में वाटर पॉलिसी एंड गवर्नेंस प्रोग्राम (2024-26) की छात्रा थीं। इस अग्निकांड में उसकी मौत हो गई। उसने तीन दिन पहले ही अपनी पहली कमाई घर भेजी थी।
पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें एक माह पूर्व ही टीआईएसएस में नौकरी मिली थी और वह मुंबई में कार्यरत थीं। शैक्षणिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए वह दिल्ली गई थीं। परिजनों के अनुसार, हादसे के समय श्रुतिका अपनी मां बबीता बरनवाल से मोबाइल पर बात कर रही थीं। इसी दौरान होटल में अचानक आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई। भगदड़ के बीच उनका मोबाइल गिर गया और संपर्क टूट गया। मां-बेटी की वह बातचीत अधूरी ही रह गई। 3 जून की सुबह हुए इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसने के कारण श्रुतिका की मौत हो गई।
श्रुतिका की असामयिक मौत ने झकझोर दिया
श्रुतिका की असामयिक मृत्यु से पूरे जैनामोड़ क्षेत्र में शोक व्याप्त है। एक उज्ज्वल भविष्य और परिवार के सपनों को संजोए बेटी की इस तरह हुई मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली जैनामोड़ की होनहार बेटी श्रुतिका बरनवाल उर्फ सुरभि का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक आवास पहुंचा। घर पर शव पहुंचते ही पूरे इलाके का माहौल शोकाकुल हो गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पोस्ट ऑफिस गली स्थित मारवाड़ी पंचायत भवन के समीप रहने वाले रमेश कुमार बरनवाल की पुत्री श्रुतिका का शव करीब साढ़े 11 बजे जैनामोड़ स्थित आवास पहुंचा। बेटी के अंतिम दर्शन करते ही माता-पिता, भाई और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, रिश्तेदार और शुभचिंतक परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। बाद में उनका अंतिम संस्कार चास श्मशान घाट में किया गया।
दोस्त की बेटी की मौत पर जताया शोक
इस दुखद घटना पर आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि श्रुतिका उनके मित्र रमेश प्रसाद बर्नवाल की बेटी थीं। सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने लिखा कि यह एक अपूरणीय क्षति है। श्रुतिका एक प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और उज्ज्वल भविष्य वाली युवती थीं, जिनके सपने और उपलब्धियां हमेशा याद रखी जाएंगी।
21 लोगों की मौत
अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखीबुधवार सुबह लगी आग में 21 लोगों की मौत हुई, जबकि 58 लोगों को बचाया गया। शुरुआती जांच में अग्नि सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई है। राजधानी के हालिया वर्षों के सबसे भीषण अग्निकांडों में शामिल इस हादसे ने एक बार फिर होटलों और गेस्ट हाउसों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




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