chatra air ambulance crash in 17 minutes after take off parts dispersed in 1 km range 17 मिनट में हो गया क्रैश, 1KM तक फैल गया मलबा; चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश पर रिपोर्ट में खुलासा, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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17 मिनट में हो गया क्रैश, 1KM तक फैल गया मलबा; चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश पर रिपोर्ट में खुलासा

चतरा में एयर एंबुलेंस हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट से पता चलता है कि हादसा इतना भीषण था कि मलबा करीब एक किलोमीटर में बिखर गया।

Sun, 5 April 2026 06:33 AMMohammad Azam हिन्दुस्तान, चतरा
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17 मिनट में हो गया क्रैश, 1KM तक फैल गया मलबा; चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश पर रिपोर्ट में खुलासा

चतरा में एयर एंबुलेंस हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट से पता चलता है कि हादसा इतना भीषण था कि मलबा करीब एक किलोमीटर में बिखर गया। 23 फरवरी को रांची से उड़ान भरने के महज 17 मिनट बाद विमान चतरा जिले के सिमरिया स्थित करमाटांड़ जंगल में हादसे का शिकार हुआ था। हादसे में विमान में सवार मरीज, दो परिजन, दो पायलट, डॉक्टर वऔर नर्स समेत सभी सात लोगों की मौत हो गई थी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि यह विमान रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट किंग एयर सी90ए था, जो नॉन-शेड्यूल्ड एयर एंबुलेंस सेवा के तहत उड़ान भर रहा था। हादसे से पहले विमान ने उसी दिन दिल्ली से रांची तक उड़ान भरी थी। इस उड़ान के बाद तकनीकी लॉगबुक में किसी खराबी की जानकारी दर्ज नहीं की गई थी। रांची एयरपोर्ट पर विमान में 830 लीटर ईंधन भरा गया। उसके बाद दिल्ली के लिए उड़ान भरी। खराब मौसम के कारण पायलट ने निर्धारित मार्ग की बजाय कोलकाता एटीसी से दिशा बदलने की अनुमति मांगी, जो मिल गई। उसके कुछ देर बाद ही एटीसी का संपर्क विमान से टूट गया। कुछ देर बाद ही स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर चतरा जिला प्रशासन ने हादसे की पुष्टि की। हालांकि, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में हादसे के असल कारणों का अभी तक पता नहीं लग सकता है।

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विमान का कॉकपिट पूरी तरह तबाह हो गया था

जांच रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में विमान का अगला हिस्सा (नोज) व कॉकपिट पूरी तरह तबाह हो गया और फ्यूजलेज (मुख्य ढांचा) कई हिस्सों में टूट गया। दोनों पंखों के सिरे टूटकर अलग हो गए। पिछला हिस्सा (टेल/एम्पेनेज) टूटकर 200 से 600 मीटर दूर बिखरा मिला। दोनों इंजन पंखों से अलग 250 मीटर और 640 मीटर दूर पाए गए। समय विमान का इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर (ईएलटी) सक्रिय नहीं हुआ।

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अबतक की जांच की स्थिति

- दुर्घटनास्थल का निरीक्षण और अहम सबूत एकत्र किए गए।

- विमान के हिस्सों और इंजन के पार्ट्स को जांच के लिए सुरक्षित स्थान पर भेजा गया।

- प्रत्यक्षदर्शियों, एयरलाइन और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई।

- विमान के मेंटेनेंस और ऑपरेशन से जुड़े रिकॉर्ड जुटाए गए।

- रांची एयरपोर्ट से ईंधन के नमूने जांच के लिए भेजे गए।

- रांची और कोलकाता एटीसी से डेटा और रिकॉर्ड इकट्ठा किए गए।

- मौसम विभाग (आईएमडी) से मौसम संबंधी जानकारी ली जा रही है।

- हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

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