बोकारो में भीषण गर्मी का कहर, पारा 43 डिग्री पार, हीटवेव से जनजीवन प्रभावित
बोकारो में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घर से बाहर निकलने में hesitant हैं। अभिभावक स्कूलों के समय में बदलाव की मांग कर रहे हैं, क्योंकि बच्चों को दोपहर की गर्मी में स्कूल से लौटना पड़ रहा है।

बोकारो, प्रतिनिधि। जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को बोकारो में इस साल का अब तक का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले चार दिनों तक मौसम में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। मंगलवार व बुधवार को जिले में हीटवेव की स्थिति बनी रहने की चेतावनी जारी की गई है।
भीषण गर्मी का असर शहर की दिनचर्या पर साफ देखा जा रहा है। सुबह 9 बजे के बाद ही सड़कें वीरान नजर आने लगीं। जरूरी काम से लोग घर से बाहर निकल रहे हैं। दोपहर में बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, जबकि शाम 5 बजे तक भी गर्म हवाओं का असर बना रहा। चिकित्सकों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी गई है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के व सूती कपड़े पहनने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने को कहा गया है। लगातार बढ़ते तापमान ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।कई स्कूल समय में बदलाव नहीं, अभिभावक चिंतित : जिले में भीषण गर्मी के बीच तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव जैसी स्थिति के बावजूद कई स्कूलों के समय में अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। भीषण धूप और गर्म हवाओं के कारण सुबह 9 बजे के बाद ही बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में छोटे बच्चों को दोपहर की तेज धूप में स्कूल से लौटना पड़ रहा है। कई स्कूलों में छुट्टी का समय दोपहर 1 से 2 बजे के बीच है, जब गर्मी अपने चरम पर होती है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन और स्कूल प्रबंधन को स्थिति को देखते हुए समय में बदलाव करना चाहिए। कुछ अभिभावकों ने सुबह की शिफ्ट जल्द शुरू कर जल्दी छुट्टी देने की मांग की है, ताकि बच्चे तेज धूप से बच सकें।
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