41 डिग्री पारे पर हांफते हुए स्कूल जा रहे बच्चे
Lakhimpur-khiri News - भीषण गर्मी में 41 डिग्री तापमान पर बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी सेहत पर खतरा बढ़ रहा है। अभिभावक समय परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों ने बच्चों के लिए हल्के कपड़े पहनने और पर्याप्त पानी पिलाने की सलाह दी है। गर्मी से बच्चों में डिहाइड्रेशन और थकान की समस्याएं बढ़ रही हैं।
भीषण गर्मी में 41 डिग्री तापमान पर हांफते हुए स्कूली बच्चे सुबह की धूप में स्कूल पहुंच रहे हैं। पूरा दिन खुले आसमान के नीचे रहने के कारण उनके चेहरे पर थकान साफ झलक रही है। छोटे-छोटे बच्चे पानी की बोतल थामे, पसीने से तर-बतर होकर क्लासरूम में पहुंचते हैं, लेकिन राहत नहीं मिल रही। वापसी में उनको लू के थपेड़ों को भी झेलना पड़ रहा है। अभिभावकों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से समय परिवर्तन की मांग उठाई है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी हवा ने लोगों को परेशान कर रखा है।
इस मौसम में स्कूली बच्चों पर आफत है। बच्चे सिर पर गमछा या टोपी डालकर बचाव की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन गर्मी का कहर कम नहीं हो रहा। शासन ने बीएसए को स्कूल टाइमिंग बदलने का अधिकार दिया है। जिले में स्कूलों की मनमानी जारी है। कहीं स्कूल साढ़े आठ बजे सुबह बुला रहे हैं तो कहीं तीन बजे दोपहर तक चला रहे हैं। कई स्कूल अभी भी पुराने समय-सारणी पर अड़े हुए हैं। अभिभावक चिंतित हैं। एक अभिभावक ने बताया कि बच्चे घर से निकलते ही हांफने लगते हैं। पानी की बोतल सूख जाती है। स्कूल में छांव भी पर्याप्त नहीं।मौसम में सेहत पर भी खतरा बरकरार-इस मौसम में बच्चों की सेहत को खतरा बढ़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, लू लगने, डिहाइड्रेशन और थकान के मामले बढ़ सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को हल्के रंग के कपड़े पहनाएं, छाता या टोपी का इस्तेमाल करें और पर्याप्त पानी पिलाएं। गर्मी और बढ़ते तापमान ने बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डाला है। जिले में दिन का पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में स्कूल जाते नन्हे बच्चे डिहाइड्रेशन, थकान और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में गर्मी को सहन करने में कम सक्षम होता है। उनका सतह क्षेत्रफल शरीर के वजन के अनुपात में बड़ा होने से वे तेजी से गर्म हो जाते हैं और पर्याप्त पसीना नहीं बहा पाते। डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, उल्टी, चक्कर आना और मांसपेशियों में ऐंठन आम हो गई है। गंभीर मामलों में हीट एग्जॉर्शन और हीट स्ट्रोक तक की स्थिति बन रही है, जिसमें शरीर का तापमान 40 डिग्री से ऊपर चला जाता है।
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