झारखंड में CM डैशबोर्ड 2.0 कैसे करेगा काम, हेमंत सोरेन की निगरानी में सभी योजनाएं
अब से झारखंड में सभी योजनाओं की निगरानी सीएम हेमंत सोरेन खुद करेंगे। इसके लिए इंटीग्रेटेड-सीएम डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (सीएम डैशबोर्ड 2.0) परियोजना को क्रियान्वित किया जाएगा।

Jharkhand News: झारखंड सरकार राज्य की सभी योजनाओं और गतिविधियों की निगरानी अब सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्तर से करने जा रही है। इसके लिए इंटीग्रेटेड-सीएम डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म यानी सीएम डैशबोर्ड 2.0 लागू करने की तैयारी है। इस डिजिटल सिस्टम के जरिए अलग-अलग विभागों की परियोजनाओं पर रियल-टाइम नजर रखी जा सकेगी।
सरकार का मानना है कि इस प्लेटफॉर्म से फैसले लेने की प्रक्रिया तेज होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सभी विभागों के कामकाज को एक ही मानक पर परखा जाएगा, जिससे यह साफ हो सके कि कौन-सी योजना किस स्तर पर चल रही है और कहां सुधार की जरूरत है। इसके लिए खास परफॉर्मेंस इंडिकेटर (KPI) तय किए जाएंगे, जिससे योजनाओं की प्रगति को मापा जा सके। इस प्रोजेक्ट के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत जैप-आईटी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहा है।
कौशल विकास के लिए बनेगा जेकेसीएल
राज्य में डिजिटल शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए झारखंड नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JKCL) बनाने का प्रस्ताव है। यह संस्था राज्य सरकार, महाराष्ट्र नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (MKCL) और विश्वविद्यालयों के संयुक्त सहयोग से बनेगी। इसमें आईटी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की 45%, MKCL की 15% और विश्वविद्यालयों की 40% हिस्सेदारी होगी।
इस पहल के जरिए खासतौर पर ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में डिजिटल कोर्स शुरू किए जाएंगे, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी आधुनिक तकनीकी कौशल मिल सके। साथ ही विश्वविद्यालयों के डिजिटलीकरण और ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को भी मजबूत किया जाएगा।
स्टार्टअप को मिलेगा इन्क्यूबेशन सेंटर का सहारा
झारखंड स्टार्टअप पॉलिसी-2023 के तहत राज्य में इनोवेशन और इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता, टेस्टिंग फैसिलिटी और बेहतर वर्किंग एनवायरनमेंट मिलेगा। यहां एफएबी, IoT, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल जैसी अत्याधुनिक लैब स्थापित होंगी, जिससे युवा अपने प्रोडक्ट का प्रोटोटाइप बनाकर उसे टेस्ट कर सकेंगे।
डिजिटल डेटा प्लेटफॉर्म से होगा समन्वय आसान
राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों का एकीकृत डेटा तैयार करने के लिए यूनिफाइड डिजिटल डेटा प्लेटफॉर्म (UDDP) लागू किया जा रहा है। यह एक सेंट्रल डेटा रिपॉजिटरी की तरह काम करेगा, जहां अलग-अलग विभागों के डेटा को आपस में जोड़ा जाएगा। इससे न केवल योजनाओं का लाभ लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा, बल्कि विभागों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।




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