अप्रैल में ही झारखंड में गर्मी का अटैक, लू के कहर से बदला स्कूल का समय; आपके राज्य का क्या हाल
school timing change heatwave: झारखंड में तेज गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। बच्चों की सुरक्षा के लिए अब मॉर्निंग शिफ्ट में कक्षाएं चल रही हैं।

school timing change heatwave: अप्रैल का महीना अभी पूरा भी नहीं हुआ गर्मी ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से ही सूरज की किरणें इतनी तेज हो जाती हैं कि दोपहर तक हालात बेकाबू लगने लगते हैं। सड़कों पर सन्नाटा सा छा जाता है और लोग बिना जरूरत घर से निकलने से बच रहे हैं। सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है, जिन्हें हर दिन स्कूल जाने के लिए इस झुलसाती धूप का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति को देखते झारखंड राज्य सरकार ने स्कूलों को मॉर्निंग शिफ्ट करने का निर्देश दिया है। झारखंड में केजी से आठवीं तक के बच्चों की कक्षाएं सुबह 7 बजे से 11.30 बजे तक चलेंगे। जबकि 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए 7 बजे से 12 बजे तक का समय तय किया गया है।
फिलहाल देश के कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। भीषण गर्मी का असर सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूली बच्चों के लिए यह बड़ा खतरा बनता जा रहा है। हालात को देखते हुए स्कूलों ने तुरंत कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कहीं कक्षाएं सुबह जल्दी लगाई जा रही हैं, तो कहीं पढ़ाई के घंटे घटा दिए गए हैं, ताकि बच्चों को दोपहर की तेज और खतरनाक धूप से बचाया जा सके।
ओडिशा और तेलंगाना में खास इंतजाम
ओडिशा में सरकार ने कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग आधिकारिक तौर पर बदल दी है। अब स्कूल सुबह जल्दी खुल रहे हैं और दोपहर से पहले ही छुट्टी कर दी जा रही है। वहीं तेलंगाना में भी गर्मी का असर काफी तेज है। यहां स्कूलों में ‘वॉटर ब्रेक’ अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि बच्चे समय-समय पर पानी पीते रहें। इसके साथ ही स्कूल परिसरों में छाया वाली जगहों का इंतजाम किया गया है और सबसे गर्म समय में बच्चों की बाहरी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी इसी तरह के एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
कई राज्यों ने जारी की एडवाइजरी
राज्य सरकारों और स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त एडवाइजरी जारी की है। स्कूलों में साफ पीने के पानी, बेहतर वेंटिलेशन और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दोपहर की धूप में असेंबली और खेलकूद गतिविधियों को कई जगहों पर बंद कर दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में बच्चों में डिहाइड्रेशन, थकान, चक्कर और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों को ज्यादा तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, छाछ, ओआरएस और नारियल पानी देना जरूरी है। साथ ही हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाने और तेज धूप से बचाने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में हीटवेव और बढ़ने की आशंका के बीच, स्कूलों को लेकर और सख्त फैसले भी लिए जा सकते हैं।




साइन इन