600 वोटर कार्ड, 50 ATM और 25 पैन कार्ड; झारखंड में झाडियों से मिले सैंकड़ों दस्तावेज; क्या है मामला
झारखंड के बोकारो के सेक्टर छह थाना क्षेत्र स्थित सिटी कॉलेज के पीछे झाड़ियों में बड़ी संख्या में वोटर आईडी, पैन कार्ड और एटीएम कार्ड मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया।

झारखंड के बोकारो के सेक्टर छह थाना क्षेत्र स्थित सिटी कॉलेज के पीछे झाड़ियों में बड़ी संख्या में वोटर आईडी, पैन कार्ड और एटीएम कार्ड मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद सेक्टर छह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी दस्तावेजों को बरामद कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने करीब 600 वोटर आईडी कार्ड, 50 एटीएम कार्ड और 25 पैन कार्ड बरामद किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर संयुक्त जांच टीम गठित की गई है।
जांच के दौरान सामने आया कि बरामद दस्तावेज फर्जी या क्लोन नहीं, बल्कि पूरी तरह असली हैं। इनमें अधिकांश दस्तावेज वर्ष 2022 में जारी किए गए थे, जिन्हें पोस्ट ऑफिस के माध्यम से संबंधित लोगों तक पहुंचाया जाना था, लेकिन वे कभी डिलीवर नहीं हुए। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि अधिकतर कार्ड माराफारी, आजाद नगर, जोशी कॉलोनी और आसपास के इलाकों के निवासियों के हैं।
सेक्टर छह थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संगीता और खुर्शीद आलम की टीम ने संबंधित इलाकों में जाकर कार्डधारकों से संपर्क किया। कई लोगों ने बताया कि उनके पास पहले से वोटर आईडी मौजूद है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि पुराने कार्ड डिलीवरी के दौरान ही गायब कर दिए गए थे। मामले में संबंधित पोस्टमैन का तबादला हो चुका है। वहीं, बरामद कई एटीएम कार्ड अब भी एक्टिव पाए गए हैं। पुलिस टीम दिनभर डाकघर, बैंक और संबंधित क्षेत्रों में जांच करती रही। फिलहाल चास एसडीओ और पुलिस की संयुक्त टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग डीसी और एसपी नाथू सिंह मीणा स्वयं कर रहे हैं।
निर्दोष लोगों को कानूनी परेशानियों का करना पड़ सकता था सामना
पुलिस के अनुसार, यदि ये दस्तावेज किसी आपराधिक गिरोह या असामाजिक तत्वों के हाथ लग जाते, तो इनका इस्तेमाल फर्जी सिम लेने, बैंकिंग फ्रॉड या अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था। इससे निर्दोष लोगों को भी कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता था। इस घटना ने डाक विभाग, बैंकिंग व्यवस्था और संबंधित एजेंसियों की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया है। प्रशासन अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।




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