3 workers die after debris falls on them in a stone quarry in Jharkhand झारखंड में पत्थर खदान में मलवा गिरने से 3 मजदूरों की मौत, मची अफरा-तफरी, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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झारखंड में पत्थर खदान में मलवा गिरने से 3 मजदूरों की मौत, मची अफरा-तफरी

खदान में होल करने के दौरान ऊपरी हिस्से पर जमा मिट्टी और मलबे का विशाल ढेर अचानक नीचे गिर पड़ा। इस हादसे में वहां काम कर रहे कई मजदूरों के दबने की सूचना है। सूत्रों के अनुसार, मलबे में दबने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

Tue, 17 March 2026 09:27 AMRatan Gupta हिन्दुस्तान, पाकुड़
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झारखंड में पत्थर खदान में मलवा गिरने से 3 मजदूरों की मौत, मची अफरा-तफरी

मालपहाड़ी ओपी थाना क्षेत्र के कान्हूपुर मौजा स्थित झारखंड-बंगाल सीमा पर पश्चिम बंगाल के राजग्राम द्वारा संचालित एक पत्थर खदान में सोमवार की दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। खदान में होल करने के दौरान ऊपरी हिस्से पर जमा मिट्टी और मलबे का विशाल ढेर अचानक नीचे गिर पड़ा। इस हादसे में वहां काम कर रहे कई मजदूरों के दबने की सूचना है। सूत्रों के अनुसार, मलबे में दबने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

3 मजदूरों की मौत, मची अफरा-तफरी

तीन मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई उसमें पश्चिम बंगाल के बनोरामपुर निवासी बाबू शेख, अमीर शेख, बोरूंगा रामनाथपुर निवासी एकोरी राजवंशी शामिल हैं। वहीं रामपुरहाट अस्पताल में भर्ती दो मजदूर मोनो मोसोव टुडू पिता पतरास टुडू, बाबू धन टुडू पिता स्वर्गीय रवि लाल टुडू दोनों मजदूर पाकुड़ जिले के बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मलबे से निकाले गए घायल मजदूरों को तत्काल इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के निजी अस्पतालों में भेजा गया है। हालांकि, हताहतों की संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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झारखंड-बंगाल सीमा विवाद में उलझा मामला

हादसे के बाद खदान प्रबंधन का दावा है कि घटनास्थल पश्चिम बंगाल की सीमा में पड़ता है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यह क्षेत्र झारखंड के पाकुड़ जिले का हिस्सा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित खदान में लंबे समय से अवैध उत्खनन का खेल चल रहा था।X हैरानी की बात यह है कि घटना के घंटों बीत जाने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।

अरविंद कुमार बेदिया सीओ पाकुड़ ने बताया, मालपहाड़ी ओपी प्रभारी को घटनास्थल पर जाकर सत्यता की जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि घटनास्थल झारखंड में है या पश्चिम बंगाल में। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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