पाकिस्तान का क्या है प्लान? ईरान जंग के बीच अब सऊदी, तुर्की और कतर जा रहे शहबाज शरीफ
ईरान वाले मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाकर पाकिस्तान अपना कद भी बढ़ाना चाहता है। शहबाज शरीफ अपने दौरे में सऊदी अरब, तुर्की और कतर के नेताओं से मुलाकात करेंगे। शहबाज शरीफ के कार्यालय का कहना है कि इस दौरान वह मौजूदा हालात के बारे में भी तीनों देशों के नेताओं के साथ बात करेंगे।

पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ आज से 4 दिनों के दौरे पर निकल रहे हैं। वह 15 से 18 अप्रैल तक सऊदी अरब, तुर्की और कतर का दौरा करेंगे। ईरान में चल रही जंग के बीच तीन अहम मुस्लिम देशों के लिए शहबाज शरीफ की रवानगी अहम मानी जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि सऊदी अरब और कतर अमेरिका के सहयोगी देश हैं। इन दोनों ही देशों में अमेरिका के बेस तक हैं। इसके अलावा कतर की मीडिया भी मुस्लिम वर्ल्ड का नैरेटिव तय करने में अहम भूमिका अदा करती रही है। पाकिस्तान की इन तीनों ही देशों पर आर्थिक सहायता के लिए निर्भरता रही है। ऐसे में माना जा सकता है कि शहबाज शरीफ इस्लामिक एकता की धुरी बनने की कोशिश कर रहा है।
इसके अलावा ईरान वाले मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाकर वह अपना कद भी बढ़ाना चाहता है। शहबाज शरीफ अपने दौरे में सऊदी अरब, तुर्की और कतर के नेताओं से मुलाकात करेंगे। शहबाज शरीफ के कार्यालय का कहना है कि इस दौरान वह मौजूदा हालात के बारे में भी तीनों देशों के नेताओं के साथ बात करेंगे। पाकिस्तान दुनिया का इकलौता परमाणु संपन्न मुस्लिम मुल्क है। ऐसे में वह अकसर मुस्लिम देशों को सुरक्षा देने और उनकी ओर से लड़ने की गीदड़भभकी देता रहा है। ऐसे में शहबाज शरीफ का दौरा शायद इस कोशिश के तहत भी है कि इस्लामिक दुनिया में अपना कद बढ़ा लिया जाए।
पाकिस्तान ने पिछले दिनों ही सऊदी अरब के साथ एक सुरक्षा समझौता किया था। इसमें तय किया गया था कि किसी एक पर भी होने वाला हमला दोनों पर अटैक माना जाएगा। ऐसी स्थिति में दोनों साथ मिलकर लड़ेंगे। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में सऊदी अरब, कतर और बहरीन जैसे देशों को भी टारगेट किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि पाकिस्तान की ओर से इन देशों को समर्थन है। वह कई बार दोहरा चुका है कि वह जंग की स्थिति में सऊदी अरब का ही साथ देगा।
UAE ने वापस मांग लिया है पाकिस्तान को दिया कर्ज
गौरतलब है कि पाकिस्तान की सरकार तो सऊदी अरब, कतर जैसे देशों पर आर्थिक मदद के लिए निर्भर है। हालात ऐसे हैं कि यूएई ने तो पाकिस्तान से अपना कर्ज ही वापस मांग लिया है। ऐसी स्थित में उसे कतर, सऊदी अरब की जरूरत और ज्यादा है। बता दें कि पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच हुई वार्ता असफल रही है। अब चर्चा है कि दो दिन बाद वार्ता का एक और राउंड हो सकता है।
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