Following Irane US has also blockaded Strait of Hormuz what will be the impact on India ईरान के बाद US ने भी कर दी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की घेराबंदी, भारत पर इसका कैसा असर?, India News in Hindi - Hindustan
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ईरान के बाद US ने भी कर दी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की घेराबंदी, भारत पर इसका कैसा असर?

ईरान ने अपनी घेराबंदी के दौरान भारतीय जहाजों को निकलने की अनुमति दी थी। इसके लिए भारत से कोई टोल भी नहीं वसूला गया। भारत ने अपने पुराने कूटनीतिक संबंधों का सहारा लिया था।

Wed, 15 April 2026 05:29 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान के बाद US ने भी कर दी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की घेराबंदी, भारत पर इसका कैसा असर?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% गुजरता है। ईरान ने पहले ही इसे बंद कर रखा था, जिससे दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अब राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले या ईरान की ओर जाने वाले सभी जहाजों को रोकेगी। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि यह घेराबंदी केवल उन जहाजों के लिए है जो ईरानी बंदरगाहों से आ रहे हैं या वहां जा रहे हैं।

भारत पर इसका कैसा प्रभाव?

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 85% से अधिक आयात करता है। खाड़ी देशों से आने वाला अधिकांश तेल इसी रास्ते से भारत पहुंचता है। ट्रंप के इस फैसले से भारत के सामने कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। होर्मुज संकट के बीच भारत ने रूसी तेल की खरीद फिर से शुरू की थी, जिसके लिए अमिरका ने एक अस्थायी छूट दी थी। रूसी तेल खरीद की यह छूट 11 अप्रैल 2026 को समाप्त हो चुकी है। यदि अमेरिका इस छूट की अवधि नहीं बढ़ाता है तो रूस से तेल खरीदना भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है। आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता पाइपलाइन में है और टैरिफ 50% से घटकर 10% पर आया है।

ईरान दे पाएगा गारंटी?

ईरान ने अपनी घेराबंदी के दौरान भारतीय जहाजों को निकलने की अनुमति दी थी। इसके लिए भारत से कोई टोल भी नहीं वसूला गया। भारत ने अपने पुराने कूटनीतिक संबंधों का सहारा लिया था। लेकिन अब अमेरिका की नई घेराबंदी के बाद ईरान की सद्भावना भी भारतीय जहाजों को सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पाएगी।

ट्रंप और मोदी के बीच होर्मुज पर हुई बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को फोन पर द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा की। साथ ही दोनों ने पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज खुला रखने पर चर्चा की। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि दोनों पक्षों में जल्द ही कुछ बड़े करार की उम्मीद है, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र भी शामिल है। वहीं, मोदी ने कहा कि मेरे दोस्त ट्रंप का फोन आया था। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। साथ होर्मुज को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया। 40 मिनट से ज्यादा चली इस बातचीत में ट्रंप ने प्रधानमंत्री को पश्चिम एशिया की स्थिति के बारे में ताजा जानकारी दी।

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भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में देश में LPG, PNG और CNG की कोई कमी नहीं है। लेकिन युद्ध के कारण बीमा लागत और माल ढुलाई महंगी होने से खुदरा कीमतों पर भारी दबाव है। ग्रे मार्केट में पहले ही कीमतें बढ़ने की खबरें आ रही हैं।

सोमवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ब्रीफिंग में सरकार ने काफी कुछ कहा है। सरकार ने घरेलू उपयोग के लिए LPG की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कमर्शियल गैस का उपयोग फिलहाल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों तक सीमित किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि देशभर में किसी भी LPG वितरक के पास स्टॉक की कमी नहीं है। भारतीय दल वॉशिंगटन में रूसी तेल और ईरानी कच्चे तेल के लिए छूट को रिन्यू कराने के लिए पैरवी कर रहा है।