कब थमेगी ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग? ट्रंप और नेतन्याहू ने दिए संकेत, जानें लेटेस्ट अपडेट
ईरान-इजरायल और अमेरिका संघर्ष के समाप्त होने की अनिश्चितता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिए हैं कि यह युद्ध कई हफ्तों तक चल सकता है।

28 फरवरी 2026 (शनिवार) को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर संयुक्त हमले शुरू किए, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया। इस ऑपरेशन में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद ईरान ने जवाबी हमलों में खाड़ी देशों जैसे संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अब सभी के मन में एक ही सवाल है कि यह युद्ध कब रुकेगा?
संघर्ष के समाप्त होने की अनिश्चितता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिए हैं कि यह युद्ध कई हफ्तों तक चल सकता है। न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ फोन पर बातचीत में ट्रंप से जब पूछा गया कि हमलों की तीव्रता कब तक बनी रहेगी, तो उन्होंने कहा कि शुरू से ही हमारा प्लान चार से पांच सप्ताह का था, लेकिन जरूरत पड़ने पर इससे ज्यादा समय भी लग सकता है। दूसरी ओर, नेतन्याहू ने कहा कि यह कोई 'अंतहीन युद्ध' नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि हमने कुछ हफ्तों की एक सामान्य अवधि तैयार की है, लेकिन यह तेज और निर्णायक होगा।
तेज और निर्णायक, सालों नहीं लगेंगे
नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज के 'हैनिटी' कार्यक्रम में कहा कि यह युद्ध त्वरित और निर्णायक होगा। इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन सालों नहीं। यह कोई अंतहीन जंग नहीं है। वहीं इजरायली लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशानी ने ऑनलाइन ब्रीफिंग में बताया कि घटनाओं के आधार पर अवधि बदल सकती है, लेकिन हमने कुछ हफ्तों की सामान्य समयसीमा तय की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीनी बलों की तैनाती की संभावना नहीं है।
ट्रंप का दावा-अमेरिका के पास भरपूर गोला-बारूद
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के लिए यह मुश्किल नहीं होगा, क्योंकि हमारे पास अत्यधिक गोला-बारूद है। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी हताहतों को स्वीकार किया और तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि तीन भी बहुत ज्यादा हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हताहतों की आशंका बनी हुई है।
संघर्ष खत्म करने की अपील
दूसरी ओर भारत ने मंगलवार को संघर्ष कम करने की अपील की है। साथ ही, व्यापारिक जहाजों पर हमलों का विरोध जताया और जोर दिया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निकटवर्ती पड़ोसी के नाते ये घटनाक्रम अत्यंत चिंताजनक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने समकक्षों के संपर्क में हैं।
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