बहुत देर हो चुकी है... ट्रंप का ईरान को साफ संदेश, बातचीत पर लगाया 'ब्रेक'
मिडिल ईस्ट में जारी तनवा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली, वायुसेना, नौसेना और उसका नेतृत्व पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनवा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली, वायुसेना, नौसेना और उसका नेतृत्व पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार शाम को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में दावा किया कि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, वायु सेना, नौसेना और नेतृत्व का 'अंत' हो चुका है। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु तथा बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर निगरानी समझौते के लिए बातचीत करने की मांग अब बहुत देर हो चुकी है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सुरक्षा बल ईरान को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन सैन्य अभियान का सबसे तीव्र चरण अभी शुरू होना बाकी है। ट्रंप ने सीएनएन को दिये एक साक्षात्कार में कहा कि कार्रवाई "बहुत प्रभावी" है और अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति का उपयोग कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि शुरुआती हमलों में अमेरिका ने राजनीतिक और सैन्य हस्तियां सहित 49 ईरानी नेताओं को समाप्त कर दिया है।
ट्रंप ने कहा कि अगला चरण शीघ्र आने वाला है। उन्होंने इसे बड़ी लहर करार देते हुए कहा कि हमने अभी तक उन्हें पूरी ताकत से नहीं मारा है। बड़ी कार्रवाई अभी बाकी है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ईरान द्वारा बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात सहित अरब देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले "सबसे बड़ा आश्चर्य" रहे। ट्रंप ने संघर्ष की अवधि पर कहा कि वह इसे लंबा नहीं देखना चाहते और उनका अनुमान था कि यह लगभग चार सप्ताह तक चलेगा।
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इजरायल के साथ समन्वय में किये गये पूर्वव्यापी हमलों का उद्देश्य ईरानी खतरे को निष्क्रिय करना और अमेरिकी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। उन्होंने कहा कि अमेरिका को आशंका थी कि यदि इजरायल कार्रवाई करता तो ईरान अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला करता, इसलिए पहले प्रहार किया गया। रूबियो ने कहा कि अभियान का मुख्य ध्यान ईरान की कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता और उसकी नौसेना से उत्पन्न खतरे को समाप्त करना है।
अमेरिकी सेना ने इस संघर्ष में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि की है, जबकि ईरानी रेड क्रिसेंट सोसायटी के अनुसार ईरान में 500 से अधिक लोग मारे गये हैं। दूसरी ओर अमेरिका में इस कार्रवाई पर राजनीतिक मतभेद स्पष्ट हैं। रिपब्लिकन नेताओं ने ट्रंप के कदम का समर्थन किया है, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक श्यूमर ने इसे 'चयनित युद्ध' बताते हुए प्रशासन के बयानों को अपर्याप्त करार दिया।
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