ईरान के किस सीक्रेट नेता से बात कर रहे ट्रंप? अमेरिका बनाना चाहता है अगला नेता; सामने आया ये नाम
ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ जारी बातचीत में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई शामिल नहीं हैं। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका ईरान में किससे बात कर रहा है, तो उन्होंने उस व्यक्ति का नाम नहीं बताया।

US-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए ईरान पर हमलों को 5 दिनों के लिए टालने का ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका इस संघर्ष को सुलझाने के लिए ईरान के साथ बातचीत कर रहा है। इस दौरान ट्रंप ने एक और अहम बात कही। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के एक नेता से बातचीत कर रहा है। हालांकि ट्रंप ने उस ईरानी नेता का नाम बताने से इनकार कर दिया। इसके बजाय ट्रंप ने कहा कि वार्ताकार एक शीर्ष व्यक्ति है, जो उस देश में सबसे सम्मानित है। इसके बाद इसे लेकर अटकलें शुरू हो गईं कि आखिर ट्रंप किस ईरानी नेता की बात कर रहे थे।
रिपोर्ट्स कि मानें तो अमेरिका ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कालीबफ पर अपना दांव लगा रहा है और भविष्य में कालीबफ को ईरान के नए नेता के रूप में भी देख रहा है। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन के अधिकारी मोहम्मद कालीबफ को एक ऐसे संभावित व्यक्ति के तौर पर देख रहे हैं जो इस युद्ध के अगले चरण को आकार देने में मदद कर सकता है और अमेरिका के हक में फैसले ले सकता है।
ट्रंप ने बढ़ाया सस्पेंस
इससे पहले ट्रंप ने फ्लोरिडा के पाम बीच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिका दूसरे सर्वोच्च नेता के साथ बातचीत नहीं कर रहा है। ट्रंप का परोक्ष तौर पर इशारा अयातुल्लाह खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई की ओर था। ट्रंप ने एक बयान में कहा, "एक शीर्ष व्यक्ति… हम एक ऐसे व्यक्ति से बातचीत कर रहे हैं जिनके बारे में मेरा मानना है कि वह सबसे सम्मानित हैं और नेता हैं।" ट्रंप ने कहा, "कभी-कभार आपको (खामेनेई की ओर से) कोई बयान देखने को मिलेगा, लेकिन हमें नहीं पता कि वह जीवित हैं या नहीं।'' उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरानी नेतृत्व का सफाया कर दिया है।
अमेरिका का क्या है प्लान?
पॉलिटिको की एक रिपोर्ट में ट्रंप प्रशासन के दो अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि वाइट हाउस इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या कालीबफ एक संभावित पार्टनर, और भविष्य के नेता के तौर पर उभर सकते हैं। इसकी वजह यह है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन करने में नामाकायाब रहने के बाद अमेरिका अपनी रणनीति को सिर्फ सैन्य दबाव तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि बातचीत के जरिए फायदे का सौदा करना चाहता है। कालीबफ को इस काम के लिए सही पार्टनर माना जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप सरकार में कालीबफ को ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखा जाता है जो ईरान की सत्ता के भीतर अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए अमेरिका के साथ जुड़ सकता है। एक अधिकारी ने उन्हें एक हॉट ऑप्शन बताया। हालांकि साथ ही यह भी चेतावनी दी कि प्रशासन अभी भी कई उम्मीदवारों को परख रहा है और उसने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने कहा, "हमें उन्हें परखना होगा, और हम इसमें जल्दबाजी नहीं कर सकते।"
संशय भी
वहीं कालीबफ में दिलचस्पी होने के बावजूद, अमेरिकी प्रशासन में हर कोई इस बात से सहमत नहीं है कि वे अमेरिका की उम्मीदों के मुताबिक काम करेंगे। विश्लेषकों का कहना है कि कालीबफ ईरान के राजनीतिक और सुरक्षा तंत्र में बहुत गहराई से जुड़े हुए हैं। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के अली वाएज ने उन्हें एक अंदरूनी व्यक्ति के तौर पर बेहद मजबूत बताया जो मूल रूप से ईरान की इस्लामी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और उनसे बड़ी रियायतें मिलने की संभावना कम ही है।
कालीबफ ने क्या कहा?
इस बीच कालीबफ ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत होने से इनकार किया है कालीबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है और वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने तथा उस दलदल से बचने के लिए 'फेक न्यूज' (फर्जी खबरों) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें अमेरिका और इजरायल फंसे हुए हैं।" ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत होने से भी इनकार किया है।
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