Iran says there is no dialogue between Tehran and Washington Donald Trump Claims डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले से ब्रेक का लिया फैसला, ईरानी मीडिया उड़ाने लगा मजाक, International Hindi News - Hindustan
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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले से ब्रेक का लिया फैसला, ईरानी मीडिया उड़ाने लगा मजाक

ईरानी विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि क्षेत्रीय देशों से तनाव कम करने के कुछ कदम उठाए गए हैं, लेकिन ईरान का जवाब साफ है कि युद्ध शुरू करने वाला पक्ष अमेरिका है, इसलिए सभी अपील पर वाशिंगटन को ही गौर करना चाहिए।

Mon, 23 March 2026 08:10 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले से ब्रेक का लिया फैसला, ईरानी मीडिया उड़ाने लगा मजाक

ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से इनकार किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान के साथ बात चल रही है या कोई डील की संभावना है। कई ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने विदेश मंत्रालय के हवाले से रिपोर्ट किया कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच कोई संवाद नहीं है। ईरान ने ट्रंप के इन बयानों को ऊर्जा कीमतों को कम करने और सैन्य योजनाओं के लिए समय निकालने की कोशिश करार दिया।

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ईरानी विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि क्षेत्रीय देशों से तनाव कम करने के कुछ कदम उठाए गए हैं, लेकिन ईरान का जवाब साफ है कि युद्ध शुरू करने वाला पक्ष अमेरिका है, इसलिए सभी अपील पर वाशिंगटन को ही गौर करना चाहिए। इन दिनों अमेरिका-ईरान के बीच तनाव चरम पर है और सैन्य कार्रवाइयां जारी हैं। ट्रंप ने हाल ही में ईरान के पावर ग्रिड पर हमलों को 5 दिनों के लिए रोकने का ऐलान किया था, जिसे उन्होंने कूटनीतिक कदम बताया। हालांकि, ईरानी मीडिया ने इसे अमेरिका की हिचकिचाहट और पीछे हटने के रूप में पेश किया।

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आखिर ईरानी मीडिया क्या कह रही

ईरान की प्रेस टीवी ने कहा कि अमेरिका के साथ कोई संपर्क नहीं है, जबकि मेहर न्यूज ने ट्रंप के धमकियों को ब्लफ करार दिया। तेहरान टाइम्स और आईआरआईबी जैसे मीडिया ने भी ट्रंप की रणनीति को कूटनीति के नाम पर पीछे हटना बताया। ईरानी अधिकारियों ने इसे अपनी डिटरेंस नीति की सफलता माना और कहा कि ऊर्जा ग्रिड अब युद्ध का मैदान बना हुआ है। ईरान ने बार-बार जोर दिया है कि वह युद्ध थोपने वाले पक्ष के साथ बातचीत नहीं करेगा।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और अन्य अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका ने हमले किए जब बातचीत चल रही थी, इसलिए अमेरिकियों से बात करने का कोई अच्छा अनुभव नहीं है। तेहरान का रुख सख्त है कि वह अपनी रक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और किसी भी तरह की बातचीत के लिए तैयार नहीं है, जब तक कि आक्रामकता बंद न हो। क्षेत्रीय देशों की मध्यस्थता की पहलों को भी ईरान ने US की ओर मोड़ दिया है, क्योंकि वह खुद को पीड़ित पक्ष मानता है। यह घटनाक्रम अमेरिका-ईरान संघर्ष में कूटनीति की संभावनाओं को और कमजोर करता दिख रहा है। ट्रंप के दावों और ईरान के इनकार से साफ है कि दोनों पक्षों के बीच गहरी अविश्वास की खाई है।

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