US forces planning to raid seize Kharg Island near Strait of Hormuz now ground action होर्मुज के पास छापेमारी और खर्ग द्वीप पर कब्जा, ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन के लिए तैयार अमेरिका, International Hindi News - Hindustan
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होर्मुज के पास छापेमारी और खर्ग द्वीप पर कब्जा, ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन के लिए तैयार अमेरिका

पेंटागन का मकसद शिपिंग पर हमला करने वाले हथियारों को नष्ट करना, ईरानी शासन को शर्मसार करना और बातचीत में मजबूत स्थिति बनाना है। यह कोई भरपूर आक्रमण नहीं, बल्कि स्पेशल फोर्स और पैदल सेना की खास कार्रवाई होगी।

Sun, 29 March 2026 05:48 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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होर्मुज के पास छापेमारी और खर्ग द्वीप पर कब्जा, ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन के लिए तैयार अमेरिका

युद्ध के 5वें हफ्ते में अमेरिका ने ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी तेज कर दी है। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना खर्ग द्वीप और होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित तटीय इलाकों पर छापेमारी और कब्जे का प्लान बना रही है। यह लड़ाई 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों से शुरू हुई, जिसके बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया। खर्ग द्वीप ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है, जहां से देश के 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात होता है।

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पेंटागन का मकसद शिपिंग पर हमला करने वाले हथियारों को नष्ट करना, ईरानी शासन को शर्मसार करना और भविष्य की बातचीत में मजबूत स्थिति बनाना है। यह कोई भरपूर आक्रमण नहीं, बल्कि स्पेशल फोर्स और पैदल सेना की खास कार्रवाई होगी, जो हफ्तों या कुछ महीनों तक चल सकती है। पेंटागन के प्लान में खर्ग द्वीप पर कब्जा मुख्य टारगेट है। एक पूर्व सीनियर डिफेंस ऑफिसर ने कहा कि इसकी योजना पहले से वॉर गेमिंग के जरिए तैयार की गई है। छापेमारी से ईरान के हथियार भंडार नष्ट किए जाएंगे, लेकिन द्वीप पर कब्जा करने के बाद सैनिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होगी।

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होर्मुज स्ट्रेट को कैसे खोला जाए

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल और गैस निर्यात का प्रमुख मार्ग है, जिसे ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद बंद कर दिया। अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि इन छापों से ईरानी शासन को शर्मिंदगी होगी और बातचीत में फायदा मिलेगा। ये कार्रवाइयां विशेष अभियानों पर आधारित होंगी, जिनमें समुद्री और हवाई हमले शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी इस प्लान पर फैसला नहीं लिया है। उन्होंने खर्ग द्वीप को ईरान का 'क्राउन ज्वेल' बताया और ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने की चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान समझौते को मानने से इनकार करेगा तो अमेरिका और कठोर हमले करेगा।

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अमेरिका ने बढ़ाई तैनाती

हाल ही में अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाई है। जापान से USS ट्रिपोली युद्धपोत पहुंचा, जिसमें 3500 मरीन और नाविक शामिल हैं। इसमें हेलीकॉप्टर, ओस्प्रे विमान और F-35 फाइटर जेट भी हैं। यह पिछले 20 वर्षों में मध्य पूर्व में अमेरिका की सबसे बड़ी तैनाती है। इससे पहले खर्ग द्वीप पर अमेरिकी हवाई हमले हो चुके हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि द्वीप पर कब्जा करना आसान हो सकता है, लेकिन वहां सैनिकों की सुरक्षा ड्रोन और माइन के खतरे के कारण मुश्किल होगी। ईरान ने भी अपनी सेना को तैयार किया है।

लंबा खिंच सकता है युद्ध

इस पूरे घटनाक्रम से मध्य पूर्व में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। अगर डोनाल्ड ट्रंप जमीनी कार्रवाई का आदेश देते हैं तो युद्ध लंबा खिंच सकता है। ईरान ने इन योजनाओं को खारिज करते हुए कहा कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा। अमेरिका का लक्ष्य शिपिंग मार्ग सुरक्षित करना और ईरान को झुकाना है। जानकार चेतावनी देते हैं कि यह क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ा सकता है। ऐसे में स्थिति अभी अनिश्चित है और आगे की घटनाएं ट्रंप के फैसले पर निर्भर करेंगी।

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