Nepal government announces government jobs for families of 27 students killed in Gen Z protests नेपाल सरकार का बड़ा ऐलान, Gen-Z आंदोलन में मारे गए 27 छात्रों के परिवार को सरकारी नौकरी, International Hindi News - Hindustan
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नेपाल सरकार का बड़ा ऐलान, Gen-Z आंदोलन में मारे गए 27 छात्रों के परिवार को सरकारी नौकरी

नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने 8 सितंबर 2025 को हुए जेन जी विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारे गए 27 छात्रों के परिवारों को सरकारी नौकरियां देने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला उनके मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद पहली कैबिनेट बैठक में लिया गया और तत्काल लागू कर दिया गया।

Sun, 29 March 2026 04:30 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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नेपाल सरकार का बड़ा ऐलान, Gen-Z आंदोलन में मारे गए 27 छात्रों के परिवार को सरकारी नौकरी

नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह (बालेन) ने 8 सितंबर 2025 को हुए 'जेन जी' विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारे गए 27 छात्रों के परिवारों को सरकारी नौकरियां देने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला उनके मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद पहली कैबिनेट बैठक में लिया गया और तत्काल लागू कर दिया गया। ऊर्जा मंत्रालय के अधीनस्थ नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) ने इस संबंध में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सार्वजनिक सूचना जारी की है। नोटिस में मृत छात्रों के पात्र परिजनों की सूची और भर्ती प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है।

प्राधिकरण के अनुसार, 27 छात्रों में से प्रत्येक के एक निकटतम परिवार के सदस्य को उनके गृह जिले के भीतर बिजली विभाग में रोजगार की पेशकश की जाएगी। नियुक्तियां उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता और कौशल के आधार पर की जाएंगी। प्राधिकरण ने मारे गए छात्रों तथा उनके चयनित परिवार सदस्यों के नाम भी सार्वजनिक कर दिए हैं। मृतकों के परिवारों से अपील की गई है कि वे मृतक से अपने रिश्ते की पुष्टि करें और नोटिस जारी होने के 35 दिनों के अंदर नियुक्ति पत्र प्राप्त कर लें।

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बताया जाता है कि 8 सितंबर 2025 को प्रदर्शनों के दौरान पुलिस फायरिंग में पहले दिन ही 19 छात्रों की मौत हो गई थी, जबकि 8 अन्य घायल छात्र अगले दिन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिए। कुल मिलाकर इन प्रदर्शनों में कम से कम 77 लोगों की जान गई थी। गौरतलब है कि यह प्रधानमंत्री ने अपने चुनावी घोषणापत्र में विरोध प्रदर्शनों में 'शहीद' हुए लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था।

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बता दें कि सितंबर 2025 में सोशल मीडिया पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के विरोध में शुरू हुए ये प्रदर्शन जल्द ही आर्थिक कठिनाइयों, भ्रष्टाचार और खराब शासन के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन में बदल गए। पहले दिन पुलिस कार्रवाई में युवा प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद दूसरे दिन हिंसा और बढ़ गई, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन समेत कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। इस अशांति के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी।

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इसके बाद हुए अंतरिम व्यवस्था के पश्चात मार्च 2026 में देश में आम चुनाव हुए, जिसमें शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने भारी बहुमत हासिल किया और बलेंद्र शाह नेपाल के नए प्रधानमंत्री बने।

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