ईरान ने रूस को दिया दोस्ती का तोहफा? होर्मुज से निकली पुतिन के करीबी की सुपरयॉट, देखता रह गया US
रूस और ईरान लंबे समय से सहयोगी रहे हैं और हाल के सालों में दोनों के रिश्ते और मजबूत हुए हैं। सोमवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस में व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात भी की थी।
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया जंग के बाद अब रूस और ईरान की बढ़ती नजदीकियां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नई टेंशन दे सकती है। शांति वार्ता को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच कोई सहमति ना बनने के बाद अब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची सोमवार को रूस पहुंचे थे और उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात भी की। पुतिन ने खुलकर कहा है कि रूस ईरान की हरसंभव मदद करेगा। इस बीच अब ईरान ने भी रूस को दोस्ती का तोहफा दिया है। खबर है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में प्रतिबंधों के बावजूद बीते दिनों एक विशालकाय रूसी सुपरयॉट यहां से पार होने में कामयाब हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक सुपरयॉट ‘नॉर्ड’ को शनिवार को इस रास्ते से गुजरते देखा गया। शिपिंग डेटा के मुताबिक यह उन गिनी-चुनी जहाजों में शामिल है, जिसने ईरान और अमेरिका की सख्ती के बावजूद इस रास्ते को पार कर लिया है। वहीं रिपोर्ट में इसे जहाज रूसी अरबपति अलेक्सी मोर्दाशोव से जुड़ा बताया जा रहा है, जो कथित तौर पर पुतिन के करीबी हैं।
सबसे बड़ी लग्जरी यॉट्स में शामिल
सुपरयॉट टाइम्स के मुताबिक ‘नॉर्ड’ दुनिया की सबसे बड़ी लग्जरी यॉट्स में शामिल है। इसमें 20 स्टेटरूम, स्विमिंग पूल, हेलिपैड और यहां तक कि एक सबमरीन भी मौजूद है। वहीं यह करीब 142 मीटर लंबी है। कीमत की बात करें तो, यह 500 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा की बताई जाती है। यॉट शुक्रवार को करीब 1400 GMT पर दुबई मरीना से रवाना हुई थी। इसके बाद यह शनिवार सुबह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर गई और रविवार तड़के ओमान के मस्कट पहुंची है। हालांकि यह साफ नहीं है कि इस मल्टी-डेक लग्जरी यॉट ने रास्ते को कैसे पार किया, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि ईरान और रूस के बीच बढ़ती नजदीकियां इसकी वजह हो सकती हैं।
बता दें कि ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद से ही इस रास्ते को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। ईरान ने स्पष्ट कहा है कि जब तक अमेरिका युद्ध जारी रखेगा वह इस रास्ते से जहाजों को गुजरने नहीं देगा। वहीं बाद में अमेरिका ने भी यहां नाकेबंदी का ऐलान किया था। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर जहाजों पर हमले के आरोप भी लगाए हैं। प्रमुख वैश्विक जलमार्ग पर इन प्रतिबंधों की वजह से कई देशों में ईंधन संकट पैदा हो गया है।
पुतिन ने किया मदद का वादा
रूस और ईरान के बीच पुरानी साझेदारी रही है, लेकिन हाल के सालों में यह और मजबूत हुई है। 2025 में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ, जिससे खुफिया और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की बात कही गई। वहीं हालिया युद्ध में भी रूस ने ईरान के प्रति समर्थन जताया है। सोमवार को ईरानी विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद पुतिन ने ईरान को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
पुतिन ने एक बयान में कहा, ''रूस पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द शांति सुनिश्चित करने के लिए अपनी ओर से हर संभव प्रयास करने को तैयार है।'' पुतिन ने बताया कि उन्हें पिछले सप्ताह ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का संदेश मिला था। उन्होंने इस संदेश के लिए अराघची को उनकी ओर से आभार व्यक्त करने और खामेनेई के अच्छे स्वास्थ्य एवं सकुशल होने के लिए शुभकामनाएं देने को कहा। पुतिन ने आगे कहा, ''हम आशा करते हैं कि स्वतंत्रता के लिए साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर, नए नेता के मार्गदर्शन में ईरानी जनता इस कठिन दौर से निकल जाएगी और शांति स्थापित होगी।''
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