एक ही दिन दो कदम उठा पुतिन ने चौंकाया, ट्रंप को दिया खुशी और गम का डबल डोज; मिडिल ईस्ट में खलबली
पिछले हफ्ते, रूस ने US न्यूज एजेंसी एक्सियोस की उस खबर की आलोचना की थी, जिसमें अज्ञात सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि पुतिन ने ईरान को अमेरिका के साथ परमाणु कार्यक्रम रोकने वाले समझौते को स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को एक साथ दो कदम उठाकर सबको चौंका दिया है। एक तरफ तो उन्होंने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए शांति वार्ता करने पर अपनी रजामंदी दे दी, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अपने आधिकारिक आवास और कार्यालय क्रेमलिन में तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शीर्ष परमाणु सलाहकार अली लारीजानी के साथ एक आश्चर्यजनक बैठक और चर्चा की। यह बैठक पहले से निर्धारित नहीं थी। यूक्रेन युद्ध पर शांति वार्ता के लिए पुतिन के तैयार होने को जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि ट्रंप रूस पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं। वहीं खामेनेई के शीर्ष सलहाकार से वार्ता कर पुतिन ने ट्रंप को नया टेंशन दे दिया है।
बता दें कि मॉस्को के ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेतृत्व के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। रूस तेहरान को अपना समर्थन देता रहा है। हालांकि, पिछले महीने जब 12 दिनों के इजरायल-ईरान युद्ध में अमेरिका भी कूदा और उसके परमाणु ठिकानों पर बमबारी की, तब रूस ने खुद को उससे अलग ही रखा और ईरान की कोई मदद नहीं की। हालांकि, रूस संघर्ष के पहले और बाद में ईरान का कूटनीतिक तौर पर समर्थन करता रहा।
मिडिल-ईस्ट में स्थिति को स्थिर करने पर भी चर्चा
रविवार को अली लारीजानी के साथ हुई बैठक पर क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि यह अघोषित बैठक थी, जिसमें लारीजानी ने "मध्य पूर्व और ईरानी परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी बिगड़ती स्थिति का आकलन" रूसी राष्ट्रपति से साझा किया। उन्होंने आगे कहा कि पुतिन ने मिडिल-ईस्ट में स्थिति को स्थिर करने और ईरानी परमाणु कार्यक्रम के राजनीतिक समाधान पर चर्चा की।
इसके अलावा, एक जर्मन राजनयिक सूत्र ने रविवार को एएफपी को बताया कि ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी आने वाले दिनों में ईरान के साथ उसके परमाणु कार्यक्रम पर नए सिरे से बातचीत करने की योजना बना रहे हैं। वहीं, ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी ने भी एक अज्ञात सूत्र के हवाले से खबर दी कि तेहरान तीन यूरोपीय देशों के साथ बातचीत के लिए सहमत हो गया है।
पिछले हफ्ते रूस ने अमेरिकी न्यूज एजेंसी की आलोचना की थी
पिछले हफ्ते, रूस ने अमेरिकी समाचार एजेंसी एक्सियोस की उस खबर की आलोचना की थी, जिसमें अज्ञात सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि पुतिन ने ईरान को अमेरिका के साथ एक समझौते को स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया था जो इस्लामी गणराज्य को यूरेनियम संवर्धन से रोकेगा। ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की कोशिश से लगातार इनकार किया है, जबकि परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के अपने "वैध अधिकारों" का बचाव किया है। ट्रंप लंबे समय से ईरान पर परमाणु वार्ता का दबाव बना रहे हैं।
सोमवार से ईरान और रूस की नेवी का संयुक्त अभ्यास
बड़ी बात यह है कि यह घटनाक्रम तब सामने आया है, जब रूस और ईरान सोमवार (21 जुलाई) से कैस्पियन सागर में तीन दिवसीय CASAREX 2025 संयुक्त अभ्यास शुरू करने जा रहे हैं। ये अभ्यास खोज और बचाव प्रकृति के हैं। दोनों देशों की नौसेनाओं के साथ-साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सदस्य भी इसमें भाग लेंगे। तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, कैस्पियन क्षेत्र के देशों के पर्यवेक्षक भी इस अभ्यास में मौजूद रहेंगे। समाचार एजेंसी ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य कैस्पियन सागर के आसपास के पाँच देशों- रूस, कज़ाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, ईरान और अजरबैजान की नौसेनाओं के बीच समुद्री सुरक्षा और सहयोग के स्तर को बढ़ाना है।
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