पुतिन-ट्रंप की जुबानी जंग के बीच रूस ने लौटाए 1000 शव, यूक्रेन संग इंसानियत का करार
तीन साल से जारी युद्ध और एक-दूसरे पर भयावह हमलों के बीच रूस और यूक्रेन ने इंसानियत की मिसाल भी दिखाई। रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे के शवों की अदला-बदली की है। यह घटनाक्रम ट्रंप की पुतिन को धमकी के बीच हुआ है।

पिछले तीन साल से यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। लाख कोशिशों के बावजूद भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी बेबस नजर आ रहे हैं। वो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर युद्ध जारी रखने और मनमानी का आरोप लगा रहे हैं। रूस लगातार यूक्रेनी शहरों पर कब्जा कर रहा है। हालांकि जुबानी और मैदानी जंग के बीच रूस और यूक्रेन के बीच एक मानवीय करार की अहम मिसाल भी सामने आई।
दोनों देशों ने युद्ध में मारे गए सैनिकों के शवों की अदला-बदली की है, जो जून 2025 के इस्तांबुल समझौते के तहत पांचवीं बार हुई है। क्रेमलिन के शीर्ष सलाहकार व्लादिमीर मेदिन्स्की ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि रूस ने 1,000 यूक्रेनी सैनिकों के शव यूक्रेन को सौंपे, जबकि बदले में यूक्रेन ने रूस के 19 सैनिकों के शव लौटाए। यह प्रक्रिया दोनों देशों के बीच तनाव के बीच एक दुर्लभ लेकिन सकारात्मक संवाद की तरह देखी जा रही है।
पहली बार जून में हुई थी शुरुआत
गौरतलब है कि 9 जून को पहली बार रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में मारे गए सैनिकों के शवों की बड़ी स्तर पर अदला-बदली हुई थी। यह पहल तुर्की के इस्तांबुल शहर में हुई गुप्त वार्ता के बाद सामने आई थी। इसके बाद से अब तक कम से कम पांच बार दोनों देशों के बीच ऐसे मानवता आधारित लेन-देन हो चुके हैं।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन शवों की अदला-बदली स्वास्थ्य, न्याय और रक्षा मंत्रालयों की समन्वित निगरानी में हो रही है। यह करार भले ही युद्ध विराम की दिशा में सीधा कदम न हो, लेकिन इससे यह संकेत जरूर मिल रहा है कि दोनों पक्ष कुछ बुनियादी मानवीय मानकों का सम्मान करने को तैयार हैं।
यूक्रेन को मिला नया प्रधानमंत्री
इस बीच यूक्रेन में बड़ा राजनीतिक फेरबदल हुआ है। यूक्रेन की वित्त मंत्री और अमेरिका के साथ खनिज समझौते की मुख्य वार्ताकार रहीं यूलिया सविरिदेंको को देश की नई प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। वह 2022 में रूसी हमले के बाद यूक्रेन की पहली नई प्रधानमंत्री बनी हैं। यह नियुक्ति यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदोमिर जेलेंस्की के निर्देश पर हुई है।
वहीं, डेनिस श्मिहाल, जो मार्च 2020 से प्रधानमंत्री का पद संभाल रहे थे, उन्हें देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। उन्होंने मंगलवार को अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। उन्हें जेलेंस्की का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है।
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