Israel hacked Iran traffic cameras for years to pinpoint Ayatollah ali Khamenei location इजरायल ने सालों पहले हैक किए ईरान के सारे कैमरे, हर हरकत पर नजर; फिर किया खामेनेई पर अटैक, International Hindi News - Hindustan
More

इजरायल ने सालों पहले हैक किए ईरान के सारे कैमरे, हर हरकत पर नजर; फिर किया खामेनेई पर अटैक

अमेरिकी सेना ने कहा है कि B-2 स्टील्थ बमवर्षक विमानों ने 2,000 पाउंड के बमों से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया है। ट्रंप के मुताबिक ईरान के 9 युद्धपोत डूब गए हैं और ईरानी नौसेना का मुख्यालय लगभग पूरी तरह से नष्ट हो गया है।

Tue, 3 March 2026 10:29 AMJagriti Kumari एएनआई, तेहरान
share
इजरायल ने सालों पहले हैक किए ईरान के सारे कैमरे, हर हरकत पर नजर; फिर किया खामेनेई पर अटैक

ईरान और अमेरिका के बीच बीते कई हफ्ते से चली जा रही तनातनी के बाद अमेरिका का हालिया हमला अप्रत्याशित नहीं था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद कई दिनों से यह संकेत दे रहे थे कि वे ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि भले ही यह हमला होना निश्चित हो, लेकिन अमेरिका और इजरायल ने इस हमले में जिस तरह ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के पूरे परिवार का नामों निशान मिटा दिया, वह जरूर हैरान करता है। अब रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि खामेनेई की हत्या की प्लानिंग सालों से चल रही थी।

अमेरिकी और इजरायली हमलों में खामेनेई के साथ उनकी पत्नी, उनकी बेटी, बेटे और दामाद के मारे जाने की भी खबर है। ऐसे में यह समझा जा सकता है कि इस हमले के लिए कितनी तगड़ी प्लानिंग की गई थी। लंदन बेस्ड फाइनेंशियल टाइम्स की एक न्यूज रिपोर्ट में इजरायल की जासूसी एजेंसियों द्वारा रचे गए इस प्लान का खुलासा हुआ है।

कैसे हुई ट्रैकिंग?

इस रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने सालों तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर रखा। रिपोर्ट में कई सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इजरायल ने अयातुल्ला अली खामेनेई और ईरानी सैन्य नेतृत्व की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए राजधानी तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों में सेंध लगा दी थी। कैमरों से मिलने वाली फुटेज को एन्क्रिप्ट कर सर्वरों पर भेजा जाता था। इसके साथ ही मोबाइल फोन नेटवर्क तक भी पहुंच बनाई गई थी। इसी निगरानी के आधार पर इजराइली और अमेरिकी बलों ने खामेनेई की सटीक लोकेशन की पहचान कर लक्षित हमले को अंजाम दिया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:60 सेकंड का सीक्रेट स्ट्राइक, खामेनेई को खत्म करने की कहानी; 1 मिनट में क्या हुआ

नेतन्याहू ने ठहराया सही

इस बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई की हत्या को सही ठहराया है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान का इस्लामी शासन 47 साल से अमेरिका के खिलाफ साजिश रच रहा था, अमेरिकी दूतावासों पर हमले करवा रहा था और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की भी कोशिश की। उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका मौजूदा शासन को खत्म करने के मकसद से जंग लड़ रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ट्रंप के आगे नहीं झुका एंथ्रोपिक, फिर उसी के AI से कैसे किया खामेनेई का खात्मा?

जे डी वेंस के भी यही सुर

वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी एक बयान में कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल ना कर सके। वेंस के मुताबिक, ट्रंप ने माना कि अगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती तो ईरान जल्द परमाणु हथियार के करीब पहुंच सकता था। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान की मौजूदा जवाबी कार्रवाई से यह साफ है कि अगर हमला नहीं किया जाता तो भविष्य में वह और अधिक खतरनाक हो सकता था। उन्होंने कहा कि एक साल के भीतर ईरान के पास इतने कम दूरी के मिसाइल और ड्रोन हो सकते थे कि उन्हें रोकना मुश्किल हो जाता। रुबियो ने कहा कि मिशन का मकसद यही था कि चाहे एक साल बाद वहां कोई भी सत्ता में हो, उसके पास बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन ना हों।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान, सऊदी अरब, कतर और दुबई में बसे हैं कितने भारतीय, जिनकी टेंशन में है देश

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।