ईरान, सऊदी अरब, कतर और दुबई में बसे हैं कितने भारतीय, जिनकी टेंशन में है सरकार; कहां सबसे ज्यादा?
इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से भी बात की है। भारत सरकार की अपने नागरिकों को लेकर यह चिंता वाजिब भी है क्योंकि भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी ईरान और इजरायल समेत पश्चिम एशिया के कई देशों में बसी है। इन देशों में करीब एक करोड़ भारतीय बसे हुए हैं।

युद्ध के चलते ईरान में बड़ी संख्या में भारत के लोग फंस गए हैं और कोई खुद वीडियो बनाकर सरकार से अपील कर रहा है तो कहीं परिजन ही गुहार लगा रहे हैं। यही नहीं संयुक्त अरब अमीरात में ईरान की ओर से किए गए हमलों ने भी कोहराम मचा दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बीच यूएई के नेता से बात की है तो वहीं इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से भी बात की है। भारत सरकार की अपने नागरिकों को लेकर यह चिंता वाजिब भी है क्योंकि भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी ईरान और इजरायल समेत पश्चिम एशिया के कई देशों में बसी है। इन देशों में करीब एक करोड़ भारतीय बसे हुए हैं।
भारत के लिए इन देशों में जंग छिड़ना या फिर हिंसा का ज्यादा भड़कना चिंता वाली बात है। इसकी वजह है कि ईरान में 10 हजार भारतीय रहते हैं। इसके अलावा 40 हजार लोग इजरायल में बसे हुए हैं। यही नहीं दुबई में हमले हुए तो उसका भारत पर काफी असर दिखा और भारतीय मूल के लोगों में चिंता देखी गई। इसकी वजह यह है कि संयुक्त अरब अमीरात की कुल आबादी में करीब 30 फीसदी भारतीय मूल के ही लोग हैं। इनमें बड़ी संख्या कामगारों और कर्मचारियों की है तो वहीं कारोबारी भी अब बड़ी संख्या में UAE में बसे हुए हैं। यूएई की कुल आबादी ही 1 करोड़ 10 लाख के करीब है और उसमें बड़ा हिस्सा भारतीयों का ही है।
इसके बाद पश्चिम एशिया के सऊदी अरब, कतर, ओमान, बहरीन, मिस्र, लेबनान जैसे देशों में करीब 90 लाख भारतीय बसे हुए हैं। इस तरह पूरा आंकड़ा 1 करोड़ के करीब जाता है। यहां से भारत को बड़ी संख्या में आय भी प्राप्त होती है। इन देशों में बसे भारतीय वहां से बड़े पैमाने पर रकम भेजते हैं। ऐसे में इन इलाकों में जंग छिड़ना भारत के लिए मानवीय और आर्थिक दोनों ही लिहाज से मुश्किल स्थिति होती है। यही कारण था कि जब जंग छिड़ी तो पीएम नरेंद्र मोदी की पहली अपील थी कि शांति बहाली हो। उन्होंने दोनों पक्षों से यही अपील की है कि युद्ध छोड़कर संवाद से सभी मसलों का हल निकाला जाए।
इन देशों में सबसे ज्यादा भारतीयों की बात की जाए तो उनकी आधी आबादी दो ही देशों संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में ही बसी हुई है। संयुक्त अरब अमीरात में हिंदू समुदाय के लोगों की भी बड़ी संख्या है, जबकि सऊदी अरब में बसे वाले भारतीयों में बहुतायत में मुसलमान हैं। फिर कतर में 8 लाख भारतीय बसे हैं और यह आंकड़ा देश की कुल आबादी के 25 फीसदी के बराबर है। इस देश की कुल आबादी ही 31 लाख के आसपास है। ऐसे में इन मुल्कों में किसी भी तरह की अशांति सीधे तौर पर भारत तक असर डालती है




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