Iran Israel war update 60 second secret strike that took down Khamenei Know what happened in just one minute 60 सेकंड का सीक्रेट स्ट्राइक, खामेनेई को खत्म करने की कहानी; जानें एक मिनट में क्या हुआ, Middle-east Hindi News - Hindustan
More

60 सेकंड का सीक्रेट स्ट्राइक, खामेनेई को खत्म करने की कहानी; जानें एक मिनट में क्या हुआ

28 फरवरी 2026 की सुबह तेहरान के एक गुप्त नेतृत्व परिसर में ईरान का इतिहास हमेशा के लिए बदल गया। इजरायल और अमेरिका की संयुक्त खुफिया और सैन्य कार्रवाई में महज 60 सेकंड के भीतर लंबी दूरी की मिसाइलों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को खत्म कर दिया।

Tue, 3 March 2026 12:59 AMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
share
60 सेकंड का सीक्रेट स्ट्राइक, खामेनेई को खत्म करने की कहानी; जानें एक मिनट में क्या हुआ

28 फरवरी 2026 की सुबह तेहरान के एक गुप्त नेतृत्व परिसर में ईरान का इतिहास हमेशा के लिए बदल गया। इजरायल और अमेरिका की संयुक्त खुफिया और सैन्य कार्रवाई में महज 60 सेकंड के भीतर लंबी दूरी की मिसाइलों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को खत्म कर दिया। यह हमला वर्षों की इजरायली मोसाद की घुसपैठ, CIA की महीनों की निगरानी और असाधारण खुफिया साझेदारी का चरम था। खामेनेई के साथ सात वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी, उनके परिवार के करीबी सदस्य और दर्जनों अन्य शीर्ष नेता भी एक साथ मारे गए। इजरायली अधिकारियों ने इसे 'क्लिनिकल' ऑपरेशन बताया है।

खामेनेई पर नजर रख रही थी सीआईए

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, CIA कई महीनों से खामेनेई पर नजर रख रही थी और उनकी दिनचर्या व आदतों के बारे में लगातार जानकारी जुटा रही थी। इससे पहले कि उन्हें पता चले कि शनिवार सुबह तेहरान के मध्य में स्थित एक नेतृत्व परिसर में शीर्ष ईरानी अधिकारियों की बैठक होगी और खामेनेई उसमें शामिल होंगे। अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों ने इस खुफिया जानकारी का फायदा उठाया, मूल रूप से रात के हमले की योजना को सुबह के हमले में बदल दिया, जब पुष्टि हुई कि सर्वोच्च नेता वहां मौजूद होंगे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अभी तो खेल शुरू हुआ है, ईरान पर हमले के बीच ट्रंप बोले- असली लहर आना बाकी

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सैन्य अधिकारियों ने कहा कि खामेनेई सात वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा नेताओं और उनके परिवार व करीबी सहयोगियों के लगभग एक दर्जन सदस्यों के साथ '60 सेकंड के भीतर' लगभग एक साथ हुए हमलों में मारे गए। नेतृत्व परिसर पर हमले के बाद हवाई रक्षा और बैलिस्टिक मिसाइल ढांचे को निशाना बनाते हुए अतिरिक्त हमले किए गए, जिससे इजरायली विमानों को तेहरान के ऊपर अधिक स्वतंत्रता मिली। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती हमलों के तुरंत बाद उन्होंने तेहरान पर हवाई वर्चस्व स्थापित कर लिया और खुफिया व कमान केंद्रों पर हमले तेज कर दिए। गौरतलब है कि इजरायल ने पहले भी वरिष्ठ कमांडरों और वैज्ञानिकों की हत्या की है, लेकिन किसी सत्ताधारी राष्ट्राध्यक्ष को मारने का यह पहला मामला था।

टाइम्स और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी नेताओं ने पिछले एक साल में उन आदतों को सुधारने की कोशिश की थी, जिनके कारण उन्हें पहले के 12 दिनों के संघर्ष में निशाना बनाया गया था। ये आदतें इतनी मामूली थीं जैसे अंगरक्षकों द्वारा मोबाइल फोन हमेशा पास रखना। फिर भी शनिवार सुबह तक वे उन्हीं पुरानी दिनचर्या पर लौट आए थे। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, CIA ने महीनों तक खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखी, जिससे उनकी रहने की जगह और संकट में स्थान बदलने की समझ बनी। गार्जियन के अनुसार, इजरायली खुफिया सेवाओं ने दशकों में ईरान के भीतर गहरे नेटवर्क बनाए, जिसमें नेतृत्व की दिनचर्या और सुरक्षा का नक्शा तैयार किया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:परमाणु हथियार कभी नहीं; ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी, बोले- यह आखिरी मौका है

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, निर्णायक जानकारी तब मिली जब अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पता चला कि शनिवार सुबह ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय, सर्वोच्च नेता और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के परिसर में बैठक होगी और खामेनेई वहां होंगे। एक्सियोस के अनुसार, एक सप्ताह की देरी के दौरान चिंता थी कि खामेनेई भूमिगत बंकर में चले जाएंगे। इजरायली अधिकारी ने कहा कि सहयोगी यह संकेत देना चाहते थे कि तत्काल हमला नहीं होगा, ताकि वे सुरक्षित महसूस करें।

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमान इजरायल समयानुसार सुबह करीब 6 बजे उड़े और लंबी दूरी की मिसाइलों ने तेहरान में सुबह 9:40 बजे हमला किया। एक इजरायली रक्षा अधिकारी ने कहा कि हमला कई स्थानों पर एक साथ हुआ, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी इकट्ठा थे। द गार्जियन के अनुसार, इजरायल के पूर्व सैन्य खुफिया प्रमुख अमोस यादलिन ने इसे 'सामरिक आश्चर्य और परिचालन आश्चर्य' बताया, कहा कि कई लोग उम्मीद करते थे कि हमला रात में होगा, न कि दिन में।

एक्सियोस के अनुसार, हमला मूल रूप से एक सप्ताह पहले होने वाला था, लेकिन परिचालन और खुफिया कारणों से टाला गया। इस देरी से ट्रंप को जिनेवा में राजनयिक दौर के लिए समय मिला। कुछ मौसम से जुड़े कारण भी थे। कुछ खुफिया विशेषज्ञ सवाल उठाते हैं कि क्या हत्याओं से लंबे समय का रणनीतिक लाभ मिलता है। इजरायली विश्लेषक योसी मेलमैन ने कहा कि इजरायल को हत्याओं का जुनून है, लेकिन यह समाधान नहीं है। हमास और हिजबुल्लाह के नेताओं को मारने के बाद भी वे सत्ता में हैं। एक पूर्व CIA अधिकारी ने कहा कि यह गलत कदम था, नैतिक रूप से नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से। नेतृत्व खत्म करने से शासन अस्थायी रूप से पंगु हो सकता है, लेकिन पतन की गारंटी नहीं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान पर हमले के 4 उद्देश्य, ट्रंप ने बताया प्लान, सैनिक भेजने से भी नहीं इनकार

अब आगे क्या होगा?

खामेनेई की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान में अब आगे क्या होगा? ईरान की अंतरिम शासी परिषद ने अस्थायी रूप से नेतृत्व संभाल लिया है। व्यवस्था खामेनेई के उत्तराधिकारी का नाम तय करने की प्रक्रिया में है। इससे धार्मिक प्रतिष्ठान और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में अनिश्चितता है। दूसरी ओर हिजबुल्लाह के शामिल होने के बाद इजरायल ने लेबनान में हमले किए। ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए। बहरीन में मिसाइल मलबे से हताहत हुए और अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े पर हमला हुआ। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक सभी उद्देश्य हासिल नहीं हो जाते।

इन सब के बीच अब बड़ा सवाल ये है कि क्या 60 सेकंड का वह हमला निर्णायक मोड़ था या लंबे युद्ध की शुरुआत? गार्जियन के अनुसार, मोसाद के पूर्व प्रमुख ओडेड ऐलम ने कहा कि साठ सेकंड। इस ऑपरेशन में बस इतना समय लगा, लेकिन यह वर्षों की मेहनत का नतीजा है। मध्य पूर्व के इतिहास ने बार-बार दिखाया है कि एक मिनट में जो हो जाता है, उसे सुलझाने में साल लग सकते हैं।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।