अमेरिका को सता रही इस्लामाबाद में सिक्योरिटी की चिंता? पाकिस्तान ने क्या जवाब दिया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, 'अमेरिका और ईरान की सहमति के अधीन, पाकिस्तान सार्थक और निर्णायक बातचीत को सुगम बनाने तथा जारी संघर्ष के व्यापक समाधान के लिए मेजबान बनने के लिए तैयार है और इसे अपने लिए सम्मान की बात मानता है।'
अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका पाकिस्तान निभाता नजर आ रहा है। खबरें थीं कि दोनों मुल्कों के बीच बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है। अमेरिका का कहना है कि इसे लेकर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। वहीं, कहा यह भी जा रहा है कि अमेरिका सुरक्षा कारणों के चलते इस प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान ने इन अटकलों से इनकार किया है।
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से सवाल किया गया, 'वाशिंगटन में हमारे सूत्रों का कहना है कि अमेरिका को पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंताएं हैं। इसी कारण से, अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली बातचीत के लिए अब तक इस्लामाबाद के नाम पर मुहर नहीं लगाई गई है?'
हालांकि, पाकिस्तान ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'पाकिस्तान बहुत सुरक्षित है। मुझे नहीं लगता कि सुरक्षा को लेकर चिंताएं सही हैं।'
पाकिस्तान ने दिया था मेजबानी का प्रस्ताव
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, ‘अमेरिका और ईरान की सहमति के अधीन, पाकिस्तान सार्थक और निर्णायक बातचीत को सुगम बनाने तथा जारी संघर्ष के व्यापक समाधान के लिए मेजबान बनने के लिए तैयार है और इसे अपने लिए सम्मान की बात मानता है।’
पाकिस्तान करा रहा है बातचीत
पाकिस्तान ने गुरुवार को पुष्टि की कि वह अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करा रहा है। साथ ही कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता बातचीत और कूटनीति है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने बताया कि तुर्किये और मिस्र भी इस पहल का समर्थन कर रहे हैं और क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने लिखा, 'अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता पाकिस्तान के जरिए संदेशों के आदान-प्रदान से हो रही है। इस संदर्भ में अमेरिका ने 15 बिंदुओं का प्रस्ताव साझा किया है, जिस पर ईरान विचार कर रहा है। तुर्किये और मिस्र जैसे मित्र देश भी इस पहल में सहयोग दे रहे हैं।' उन्होंने अपने पोस्ट में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकॉफ को भी टैग किया।
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