Iran war update Donald Trump says he considering a gradual end to the war attacks on Natanz ईरान से तीन हफ्ते में ही पस्त हो गया अमेरिका, युद्ध खत्म करने की सोच रहे ट्रंप, International Hindi News - Hindustan
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ईरान से तीन हफ्ते में ही पस्त हो गया अमेरिका, युद्ध खत्म करने की सोच रहे ट्रंप

ईरान युद्ध पिछले तीन हफ्तों से जारी है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह धीरे-धीरे इस युद्ध को समाप्त करने पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप के इस बयान के पहले ईरान ने दावा किया है कि उसके नतांज परमाणु केंद्र पर हमला हुआ है।

Sat, 21 March 2026 05:28 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान से तीन हफ्ते में ही पस्त हो गया अमेरिका, युद्ध खत्म करने की सोच रहे ट्रंप

Donald Trump: पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के साथ शुरू हुआ युद्ध वैश्विक संकट की तरफ बढ़ रहा है। दुनिया के ज्यादातर देश ऊर्जा संकट में फंसने की कगार पर हैं। करोड़ों नागरिकों को जान का खतरा बना हुआ है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका देश अब इस युद्ध को धीरे-धीरे समाप्त करने पर विचार कर रहा है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उन्होंने नाटो के बाकी सदस्य देशों को कायर कहकर तंज कसा है, वहीं ईरान का युद्ध भी लगातार तेजी पकड़ता जा रहा है। शनिवार को ईरानी मीडिया ने बताया कि उसके नतांज परमाणु केंद्र पर हमला हुआ है। वहीं अमेरिकी मीडिया के मुताबिक ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी और ब्रिटिश बेस डिएगो गार्सिया को निशाना बनाया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमेरिका, ईरान में अपने लक्ष्यों के करीब पहुंच चुका है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि इसकी सुरक्षा अब ऐसे देशों को करनी चाहिए, जो यहां से तेल मंगाते हैं। क्योंकि अब यह उनकी जिम्मेदारी है। ट्रंप ने कहा, "हम अपने ईरान में अपने उद्देश्यों को हासिल करने के बहुत करीब हैं। अब हम मध्य-पूर्व में अपनी कार्रवाई को खत्म करने पर विचार कर रहे हैं।" इसके साथ ही ट्रंप ने मुख्य रूप से अपने 5 उद्देश्य भी बताए। इनमें ईरान की मिसाइल क्षमता, वायुसेना क्षमता को समाप्त करना और तेहरान को परमाणु क्षमता तक न पहुंचने देना और खाड़ी क्षेत्र में अपने सहयोगी देशों की रक्षा करना शामिल है। हालांकि, ट्रंप ने यहां पर सत्ता परिवर्तन को को अपना लक्ष्य नहीं बताया।

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ईरान की तरफ और सैनिक भेज रहा अमेरिका

ट्रंप की तरफ से यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका ने ईरान की तरफ मरीन सैनिकों की एक और टुकड़ी भेजी है। इसके अलावा ब्रिटेन ने भी हिंद महासागर में स्थित अपने सैन्य बेस को ईरान पर हमला करने के लिए दे दिया है। ब्रिटेन से यह इजाजत आने के बाद ईरान ने इस पर दो बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर दिया। हालांकि, यह मिसाइलें अपना निशाना चूक गईं। ईरान की तरफ से बताया गया कि अमेरिका और इजरायल ने उसके नतांज परमाणु केंद्र पर हमला बोला है, हालांकि तकनीकि विशेषज्ञों ने रेडिएशन फैलने की आशंका से इनकार किया है। इजरायल ने इस हमले की कोई जानकारी अभी तक सामने नहीं रखी है।

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होर्मुज की जिम्मेदारी उनकी, जो इस्तेमाल करेंगे: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर चल रही बहस से अमेरिका को बाहर रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी उन तमाम देशों की है, जो इसका उपयोग करते हैं। यह संयुक्त राज्य अमेरिका की जिम्मेदारी नहीं है। यदि यह देश अमेरिका से अनुरोध करेंगे, तो शायह हम इनकी मदद करने के लिए आएंगे, लेकिन तब तक हम ईरान का खतरा खत्म कर चुके होंगे, तो इसकी आवश्यकता नहीं होगी। ईरान का खतरा खत्म होने के बाद होर्मुज को सुरक्षित करना इन देशों के लिए एक आसान सैन्य अभियान होगा”

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आपको बता दें, 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अभी तक 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के कई शहरों पर हमला बोल रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की उच्च लीडरशिप को तीन बार खत्म कर दिया है। अब कोई नेतृत्व करने को भी तैयार नहीं है। दूसरी तरफ, इजरायल ने ईरान के साथ-साथ लेबनान में हिज्बुल्लाह को निशाना बनाना जारी रखा। यहां पर भी करीब 1 हजार लोग मारे जा चुके हैं।

इन हमलों का जवाब देते हुए ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिका और इजरायल के ठिकानों को जमकर निशाना बनाया। तेल और गैस केंद्रों पर हमले के जवाब में तेहरान ने कतर, बहरीन, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों के ठिकानों पर हमला कर दिया। इससे वैश्विक रूप से तेल और गैस का संकट बढ़ गया। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद कर दिया है, इसमें से केवल वही जहाज निकल रहे हैं, जो कि ईरान के सहयोगी हैं या फिर इस युद्ध में निष्पक्ष है।

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