ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर इजरायल-अमेरिका का बड़ा हमला, रेडिएशन का कितना खतरा
ईरानी आधिकारिक समाचार एजेंसी मिज़ान के अनुसार, इस हमले में कोई रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ। नतांज ईरान का मुख्य यूरेनियम संवर्धन केंद्र है, जो तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह फैसिलिटी पहले भी कई बार निशाना बन चुकी है।

ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटी नतांज पर शनिवार को हवाई हमला हुआ है। ईरानी आधिकारिक समाचार एजेंसी मिज़ान के अनुसार, इस हमले में कोई रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ। नतांज ईरान का मुख्य यूरेनियम संवर्धन केंद्र है, जो तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह फैसिलिटी पहले भी कई बार निशाना बन चुकी है। ताजा हमला अमेरिका-इजरायल गठबंधन की ओर से किए गए हवाई अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। ईरान ने इसे क्रूर हमला करार दिया है और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
यह हमला मार्च 2026 में हुआ, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई कार्रवाई शुरू की। ईरानी परमाणु ऊर्जा प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन IAEA को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि नतांज पर 2 क्रूर हमले किए गए। सेटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि एंट्री गेट और कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिसमें तीन इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गईं। IAEA ने पुष्टि की कि नतांज के कुछ हिस्सों में क्षति हुई है, लेकिन मुख्य भूमिगत संवर्धन हॉल पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा और रेडियोलॉजिकल की आशंका नहीं है।
यह नया हमला जून 2025 में हुए 12-दिवसीय ईरान-इजरायल युद्ध की भी याद दिलाता है, जिसमें इजरायल और अमेरिका ने नतांज सहित ईरान के प्रमुख परमाणु स्थलों को निशाना बनाया था। उस युद्ध में पायलट फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट नष्ट हो गया था और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को गंभीर क्षति पहुंची थी। ईरान ने तब दावा किया था कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे संदिग्ध मानता रहा है। ताजा हमले से पहले भी IAEA ने नतांज में गतिविधियां देखी थीं, लेकिन उनकी प्रकृति स्पष्ट नहीं थी।
यह घटना मध्य-पूर्व में तनाव को और बढ़ा सकती है। ईरान ने इसे आक्रामकता करार दिया है और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, जबकि अमेरिका-इजरायल गठबंधन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करने का इरादा जाहिर कर रहा है। IAEA प्रमुख रफाएल ग्रॉसी ने कहा कि परमाणु स्थलों पर कोई बड़ा नया हमला नहीं दिखा, लेकिन ईरानी दावों के विपरीत कुछ क्षति की पुष्टि हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमले ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वर्षों पीछे धकेल सकते हैं, लेकिन इसे पूरी तरह खत्म करना चुनौतीपूर्ण रहेगा।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन