भारत समेत पूरी दुनिया से रूसी तेल खरीदने की भीख मांग रहा अमेरिका, ईरानी विदेश मंत्री ने क्या कहा
अराघची ने कहा कि अमेरिका ने भारत को रूस से तेल इंपोर्ट बंद करने के लिए धमकाने में महीनों बिताए। ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्ध के बाद, व्हाइट हाउस अब दुनिया - जिसमें भारत भी शामिल है - से रूसी कच्चा तेल खरीदने की भीख मांग रहा है।

Iran US War Update: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका, रूस से तेल इंपोर्ट बंद करने के लिए 'भारत को धमकाने' के बावजूद, अब ईरान के साथ अपने युद्ध के दो हफ्ते बाद, उनसे मॉस्को से कच्चा तेल खरीदने की भीख मांग रहा है। अराघची ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अमेरिका ने भारत को रूस से तेल इंपोर्ट बंद करने के लिए धमकाने में महीनों बिताए।" उन्होंने आगे कहा, "ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्ध के बाद, व्हाइट हाउस अब दुनिया - जिसमें भारत भी शामिल है - से रूसी कच्चा तेल खरीदने की भीख मांग रहा है।" बता दें कि पांच मार्च को अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अनुमति दी है, जबकि उससे पहले उसने अतिरिक्त टैरिफ लगाया हुआ था।
पश्चिम एशिया में संघर्ष पर यूरोप के रुख की आलोचना करते हुए, मंत्री ने ईरान पर युद्ध को गैर-कानूनी बताया और कहा कि यूरोप को लगा था कि ईरान पर एक गैर-कानूनी युद्ध का समर्थन करने से उन्हें रूस के खिलाफ अमेरिका का समर्थन मिल जाएगा। उन्होंने रूसी कच्चे तेल की खरीद के प्रति ट्रंप प्रशासन के मौजूदा रुख को 'दयनीय' भी बताया। 28 फरवरी से शुरू होकर, अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर एक संयुक्त हमला किया। यह हमला कई दिनों की तैयारियों के बाद हुआ, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम पर एक नए समझौते के लिए राजी होने का दबाव बढ़ा दिया था।
वहीं, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार रात टेलीफोन पर अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से बात की। पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से दोनों नेताओं के बीच यह चौथी बातचीत है, जो ऐसे समय हुई है जब भारत होर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों ओर खड़े 28 व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के प्रयासों को तेज कर रहा है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के तुरंत बाद जयशंकर और अराघची ने 28 फरवरी को बातचीत की थी। इसके बाद उन्होंने 5 मार्च और 10 मार्च को भी बात की थी।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ''बीती रात ईरानी विदेश मंत्री अराघची से एक और बातचीत हुई। द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ ब्रिक्स से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई।'' बीती रात फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई जब भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक जहाजरानी मार्ग से भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के प्रयासों को तेज कर दिया है। इस समुद्री मार्ग को अमेरिका-इजराइल के साथ संघर्ष बढ़ने के बाद ईरान ने आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन