ईरान युद्ध का साइड इफेक्ट, दिल्ली पुलिस कर्मियों को नियमित छुट्टियां नहीं; सिर्फ इमरजेंसी लीव
ईरान युद्ध का असर दिल्ली पुलिस पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए उमड़ी भीड़ में झड़प जैसी किसी भी घटना को रोकने के लिए गैस स्टेशनों के पास पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए दिल्ली पुलिस कर्मियों के नियमित छुट्टी को स्थगित कर दिया गया है।

ईरान युद्ध का असर दिल्ली पुलिस पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए उमड़ी भीड़ में झड़प जैसी किसी भी घटना को रोकने के लिए गैस स्टेशनों के पास पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है। इसे देखते हुए एक आदेश में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए किसी भी कर्मी को नियमित अवकाश नहीं दिया जाएगा।
दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त (ऑपरेशन) ने दिल्ली के सभी जिलों और इकाइयों में तैनात पुलिस बलों को एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए किसी भी कर्मी को नियमित अवकाश नहीं दिया जाएगा। हालांकि, आपातकालीन मामलों में संबंधित अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है।
12 मार्च के आदेश में संयुक्त सीपी (ऑपरेशन) ने कहा कि मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए अगले आदेश तक किसी भी कर्मी को तत्काल प्रभाव से 'नियमित अवकाश' नहीं दिया जाएगा। अवकाश केवल वास्तविक आपातकालीन मामलों में ही स्वीकृत किए जाएंगे, जिनका सत्यापन और अनुमोदन स्वीकृत करने वाले प्राधिकारी द्वारा किया जाएगा। यह निर्णय मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए उमड़ी भीड़ में झड़प जैसी किसी भी घटना को रोकने के लिए गैस स्टेशनों के पास पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी की खबरें आ रही हैं। इसके बाद केंद्र सरकार ने घरेलू खपत को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया है।
इससे पहले, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आश्वासन दिया था कि पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। वहीं, एलपीजी की स्थिति सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुए मौजूदा संघर्ष में एक तरफ इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका और दूसरी तरफ ईरान के बीच युद्ध देखने को मिल रही है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में 86 साल के ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद संघर्ष और बढ़ गया। इसके जवाब में ईरान ने कई खाड़ी देशों और इजरायल में इजरायली और अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाया, जिससे जलमार्ग में रुकावट पैदा हुआ और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ।




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