Crisis Deepens in PoK Due to Iran War Petrol and Diesel Prices Jump by 55 Schools Also Shut Down ईरान युद्ध से PoK में गहराया संकट, पेट्रोल-डीजल 55 रुपये महंगा; स्कूलों पर भी लगे ताले, International Hindi News - Hindustan
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ईरान युद्ध से PoK में गहराया संकट, पेट्रोल-डीजल 55 रुपये महंगा; स्कूलों पर भी लगे ताले

इस सबके बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बीते गुरुवार को सऊदी अरब की संक्षिप्त सरकारी यात्रा पर रवाना हुए। सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के रक्षा समझौते के कारण इस यात्रा में पाकिस्तान की भूमिका की परख होगी।

Sat, 14 March 2026 11:25 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान युद्ध से PoK में गहराया संकट, पेट्रोल-डीजल 55 रुपये महंगा; स्कूलों पर भी लगे ताले

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु और उसके बाद शुरू हुए अमेरिका-इसराइल-ईरान युद्ध ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में गहरा आर्थिक संकट पैदा कर दिया है। पेट्रोल की कीमत तो 55 रुपये तक बढ़ गई है। इसके साथ ही गिलगित-बाल्टिस्तान में पेट्रोल की कीमतें 321 प्रति लीटर के पार पहुंच गई हैं। इसकी वजह से माल ढुलाई की लागत बढ़ गई है, जिससे आटा, चीनी और सब्जियों जैसी बुनियादी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता इंकलाबी के अनुसार, यह गरीब और मध्यम वर्ग के लिए "आर्थिक मौत" के समान है।

तेल की भारी किल्लत और बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने 'वॉर ऑस्टेरिटी प्लान' लागू किया है। पूरे पाकिस्तान सहित गिलगित-बाल्टिस्तान में स्कूलों को दो सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। शिक्षा को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन क्षेत्र में खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी एक बड़ी बाधा बनी हुई है। ईंधन की खपत कम करने के लिए सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों को सिर्फ 4 दिन ही बुलाया जा रहा है। वर्क फ्रॉम होम (WFH) भी लागू किया गया है।

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आपको बता दें कि आयतुल्लाह खामेनेई की मृत्यु के बाद पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कई इलाकों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुई हैं। तनाव को देखते हुए प्रशासन ने गिलगित और स्कर्दू जैसे प्रमुख शहरों में समय-समय पर कर्फ्यू लगाया है और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित रखा है।

राशन की भी किल्लत

शफका अली इंकलाबी का मानना है कि यदि युद्ध जल्द नहीं रुका तो गिलगित-बाल्टिस्तान में खाद्य सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण यहां जरूरी सामान ट्रकों के जरिए आता है और पेट्रोल के बढ़ते दाम इस आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ सकते हैं।

विदेश दौरे पर शहबाज

इस सबके बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बीते गुरुवार को सऊदी अरब की संक्षिप्त सरकारी यात्रा पर रवाना हुए। सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के रक्षा समझौते के कारण इस यात्रा में पाकिस्तान की भूमिका की परख होगी। दोनों देशों ने पिछले साल सितंबर में एक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे तथा दोनों ने किसी तीसरे देश द्वारा हमला किये जाने की स्थिति में एक-दूसरे की रक्षा करने की प्रतिबद्धता जतायी थी। यह समझौता तब हुआ था जब इजराइल ने कतर में हमास के नेताओं पर हमला किया था।

हालांकि, अमेरिका और इजराइल द्वारा साथ मिलकर ईरान पर हमले शुरू किये जाने के बाद स्थिति बदल गई । ईरान ने खाड़ी देशों में बमबारी करके जवाबी कार्रवाई की। ईरान के साथ पाकिस्तान के अच्छे संबंधों और भौगोलिक निकटता को देखते हुए, इस बात को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है कि क्या पाकिस्तान सऊदी अरब के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करेगा।

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