Explainer: कतर और कुवैत जैसे देशों में भी खुली जगहों पर नमाज नहीं पढ़ पाए लोग, डर के साये में ईद
ईद के मौके पर खाड़ी देशों में इस बार वैसी रौनक नहीं दिखी। ईरान युद्ध की वजह से खाड़ी देशों में ईद फीकी दिखाई दी। कई देशों ने अपने लोगों को खुले में नमाज ना पढ़ने की हिदायत दी है। बाजारों में भी पहले वाली रौनक नहीं दिखी।

दुनियाभर में शनिवार यानी 21 फरवरी को ईद मनाई जा रही है। अरब देशों में ईद की रौनक ही कुछ और रहती थी। हालांकि इस बार इन देशों में भी ईद डर के साये में मन रही है। कतर, कुवैत और यूएई जैसे देशों में भी लोगों को खुले में नमाज अदा करने से रोक दिया गया। उन्हें डर है कि कहीं कोई मिसाइल ना आ गिरे। मुस्लिमों के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक यरुशलम की अल-अक्सा मस्जिद सुनसान ही पड़ी रही। यहां लोगों के आने पर इजरायल ने प्रतिबंध लगा दिया था। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से ही अल-अक्सा मस्जिद को सील कर दिया गया था। इजरायल ने बताया कि सुरक्षा कारणों से ऐसा किया गया है।
सऊदी अरब, कतर, यूएई, ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में लोगों को ईद की तैयारी करने का भी समय नहीं मिला। पूरे रमजान इन देशों में तनाव का ही माहौल रहा। ईरान युद्ध के अलावा पाकिस्तान और अफगानिस्तान भी भिड़े हुए हैं। रमजान के दौरान ही पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अस्पताल पर हमला कर दिया जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा किया गया। ऐसे में रमजान का महीना पूरी दुनिया में ही खून-खराबे के बीच बीता।
ईरान में वीरान दिखे बाजार
इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान में तनाव ही तनाव् व्याप्त है। ईद से पहले भी बाजार सुनसान पड़े रहे। लोगों को खास हिदायत दी गई थी कि अपने घरों या फिर मस्जिद के अंदर ही नमाज पढ़ें। लोगों को खुले में नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी गई। ईरा्न में ईद-उल-फितर के मौके पर जंग में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। कई जगहों पर जश्न मनाया भी गया तो बेहद सादगी से। लोगों ने मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए दुकानें बंद रखीं।
यूएई में भी नहीं दिखी रौनक
यूएई का दुबई शहर दुनियाभर में अपनी रौनक के लिए जाना जाता है। हालांकि इस ईद पर ना तो विदेशी पर्यटकों की भीड़ दिखाई दी और ना ही सड़कों पर रौनक। यहीं भी बाजारों की रौनक फीकी दिखाई दी। यूएई में ईद के मौके पर चार दिनों के अवकाश का ऐलान कर दिया गया था। इस बार कड़ी सुरक्षा के बीच ही नमाज पढ़ी गई। दुबई में बड़े आयोजन और आतिशबाजी को रद्द कर दिया गया था।
इराक में भी खामेनेई को दी गई श्रद्धांजलि
इराक में शिया मुसलमानों ने ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। ईराक में भी इस बार की ईद पर ज्यादा लोग एक जगह एकत्रित नहीं हुए। पहले से ही लोगों को इकट्ठा ना होने की हिदायत दी गई थी। इस बार लोग अपने बच्चों को भी बाहर भेजने से डरे नजर आए।
अपने घरों से दूर हो गए लोग
गाजा और लेबनान की स्थिति देखें को बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो कि अपने घरों में ही नहीं हैं। वे अपने घरों से दूर शेल्टर में ही ईद मना रहे हैं। हालांकि पहले की तरह बाजार सजे नहीं हैं। ऐसे में उन्हें सीमित साधनों में ही त्योहार मनाना पड़ा। लेबनाने के दक्षिणी शहरो क बी इजरायल ने दहला दिया है। यहां पर अब तक 1200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। ऐसे में लोग डर के साये में ही ईद मना रहे हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान की बात करें तो ईद को देखते हुए युद्ध को पांच दिनों के लिए रोक दिया गया है। तुर्किए. सऊदी अरब और कतर की मध्यस्थता के बाद दोनों देश ईद के दौरान युद्धविराम करने पर सहमत हुए हैं।
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