Indian companies preparing to purchase crude oil from Iran awaiting the government green signal ईरान से क्रूड ऑयल खरीदने की तैयारी में भारत की कंपनियां, सरकार की हरी झंडी का इंतजार, India News in Hindi - Hindustan
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ईरान से क्रूड ऑयल खरीदने की तैयारी में भारत की कंपनियां, सरकार की हरी झंडी का इंतजार

भीषण संघर्ष के बीच भारत के ऊर्जा बाजार के लिए एक राहत की खबर सामने आ रही है। भारत में कच्चे तेल को रिफाइन करने वाली कंपनियों ने एक बार फिर ईरान से कच्चे तेल के आयात की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं।

Sat, 21 March 2026 12:28 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान से क्रूड ऑयल खरीदने की तैयारी में भारत की कंपनियां, सरकार की हरी झंडी का इंतजार

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच भारत के ऊर्जा बाजार के लिए एक राहत की खबर सामने आ रही है। भारत में कच्चे तेल को रिफाइन करने वाली कंपनियों ने एक बार फिर ईरान से कच्चे तेल के आयात की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद उठाया जा रहा है। हालांकि, रिफाइनरों ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक खरीदारी और अनुबंधों पर हस्ताक्षर केवल भारत सरकार से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद ही किए जाएंगे।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दी है। इस छूट का लाभ उठाते हुए भारतीय रिफाइनरों ने ईरान से फिर से कच्चा तेल खरीदने की योजना बनाई है, लेकिन ईरान के ताजा रुख ने इस राह में रोड़े अटका दिए हैं।

भारत के लिए यह एक बड़ा अवसर है, क्योंकि ईरानी तेल भारतीय रिफाइनरियों के लिए न केवल किफायती है, बल्कि इसकी आपूर्ति का समय भी कम रहता है। भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां इस मौके को भुनाने के लिए सक्रिय हो गई हैं ताकि घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा जा सके।

ईरान बोले- नहीं है अतिरिक्त तेल

हालांकि, भारत की इन उम्मीदों पर ईरान के तेल मंत्रालय के एक बयान ने पानी फेरने की कोशिश की है। ईरान वर्तमान में कूटनीतिक और रणनीतिक बढ़त बनाने के लिए तल्ख तेवर दिखा रहा है। ईरानी तेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उसके पास अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए कोई समुद्र में जहाजों पर रखा तेल या अतिरिक्त सरप्लस उपलब्ध नहीं है।

आपूर्ति की कमी बताकर ईरान भविष्य के अनुबंधों में बेहतर कीमतें और शर्तें चाह रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत दिखाते हुए ईरान यह संदेश देना चाहता है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार उसकी शर्तों पर चलेगा।

एक तरफ जहां भारतीय जहाज 'पाइन गैस' और 'जग वसंत' जैसे टैंकर सुरक्षित मार्ग की तलाश में हैं, वहीं रिफाइनर इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि क्या ईरान वास्तव में तेल देने से इनकार कर रहा है या यह केवल बातचीत का एक हिस्सा है। यदि ईरान अपने रुख पर कायम रहता है, तो अमेरिकी छूट के बावजूद भारत को वैकल्पिक स्रोतों पर अपनी निर्भरता बढ़ानी पड़ सकती है।