ट्रंप ने हमले किए तो अमेरिका को लंगड़ा कर देंगे, ईरान बोला; बता दीं अपनी 3 मांगें
सलाहकार ने यह भी दावा किया कि युद्ध एक सप्ताह पहले ही खत्म हो चुका था और अमेरिका सीजफायर के लिए तैयार था। रेजाई के अनुसार, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ही लड़ाई जारी रखने के लिए दबाव बनाया था।
ईरान युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने अपनी मांगें रख दी हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार ने कहा है कि ईरान को हुए नुकसान का मुआवजा देना होगा। साथ ही इन मांगों में आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाने समेत कई मांगें शामिल हैं। हालांकि, अब तक अमेरिका ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। संभावनाएं जताई जा रहीं हैं कि युद्ध खत्म करने को लेकर जल्द ही मुल्कों के बीच बड़ी बैठक हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहसिन रेजाई ने कहा, 'अगर ट्रंप ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला करते हैं, तो यह अब 'आंख के बदले आंख' तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक आंख के बदले सिर, हाथ और पैर से जवाब दिया जाएगा। अमेरिका लंगड़ा हो जाएगा!'
रख दी यें मांगें
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, रेजाई ने युद्ध खत्म करने के लिए मांगें भी रख दी हैं। उन्होंने कहा, 'युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक हमें अपने सभी नुकसानों का मुआवजा नहीं मिल जाता, सभी आर्थिक प्रतिबंध (Economic Sanctions) नहीं हटा दिए जाते, और हमें अंतरराष्ट्रीय कानूनी गारंटी नहीं मिल जाती कि वॉशिंगटन हमारे मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा।'
सलाहकार ने यह भी दावा किया कि युद्ध एक सप्ताह पहले ही खत्म हो चुका था और अमेरिका सीजफायर के लिए तैयार था। रेजाई के अनुसार, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ही लड़ाई जारी रखने के लिए दबाव बनाया था। उन्होंने कहा, 'अमेरिका रुकने के लिए तैयार था लेकिन नेतन्याहू ने जारी रखने पर जोर दिया।' उन्होंने आगे कहा कि वॉशिंगटन को संघर्ष के शुरुआती चरण के बाद ही यह एहसास हो गया था कि 'जीत का कोई रास्ता नहीं है।
नेता से बातचीत का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को उस ईरानी नेता का नाम बताने से इनकार कर दिया, जिसके साथ अमेरिका तीन सप्ताह से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि वार्ताकार एक शीर्ष व्यक्ति है, जो उस देश में सबसे सम्मानित है। इस बीच, समाचार एजेंसी एपी की खबर के अनुसार, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कालीबफ ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत होने से इनकार किया है।
ट्रंप ने मेम्फिस के लिए रवाना होने के दौरान कहा, 'एक शीर्ष व्यक्ति… हम एक ऐसे व्यक्ति से बातचीत कर रहे हैं जिनके बारे में मेरा मानना है कि वह सबसे सम्मानित हैं और नेता हैं।' ट्रंप ने कहा, 'कभी-कभार आपको (खामेनेई की ओर से) कोई बयान देखने को मिलेगा, लेकिन हमें नहीं पता कि वह जीवित हैं या नहीं।' उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरानी नेतृत्व का सफाया कर दिया है।
पाकिस्तान समेत 3 देश कर रहे बातचीत
खबरों के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत होने से इनकार किया है, लेकिन यह स्वीकार किया है कि क्षेत्र के कुछ देश तनाव कम करने के प्रयास कर रहे हैं। एक्सियोस समाचार वेबसाइट ने एक अमेरिकी सूत्र के हवाले से बताया कि पिछले दो दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान कर रहे हैं। अमेरिकी सूत्र ने एक्सियोस को बताया कि इन तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने व्हाइट हाउस के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से अलग-अलग बातचीत की।
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