युद्ध के बीच कैसे मौका बना रहा पाकिस्तान, ट्रंप के मेसेंजर बने शहबाज और मुनीर; क्या मानेगा ईरान
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करने में मदद करने के लिए पाकिस्तान तैयार है। उन्होंने आगे कहा, अमेरिका और ईरान की सहमति मिलने पर, पाकिस्तान चल रहे संघर्ष के व्यापक समाधान के लिए सार्थक और निर्णायक बातचीत की मेजबानी करने के लिए तैयार है।

ईरान और अमेरिका युद्ध को समाप्त करने की बात पाकिस्तान में हो सकती है। हालांकि, अब तक किसी भी पक्ष ने इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट से ऐसे संकेत मिल रहे हैं। वहीं, कहा जा रहा है कि ट्रंप ने पाकिस्तान के जरिए अपनी 15 सूत्रीय मांगें ईरान तक पहुंचाईं हैं। खास बात है कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पाकिस्तान और अमेरिका की करीबी बढ़ी हैं।
कैसे आया पाकिस्तान का जिक्र
खबरों के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत होने से इनकार किया है, लेकिन यह स्वीकार किया है कि क्षेत्र के कुछ देश तनाव कम करने के प्रयास कर रहे हैं। एक्सियोस समाचार वेबसाइट ने एक अमेरिकी सूत्र के हवाले से बताया कि पिछले दो दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान कर रहे हैं। अमेरिकी सूत्र ने एक्सियोस को बताया कि इन तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने व्हाइट हाउस के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से अलग-अलग बातचीत की।
कहा जा रहा था कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ट्रंप के दामाद सलाहकार जारेड कुशनर, इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
शहबाज शरीफ का ऑफर और बातचीत
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करने में मदद करने के लिए पाकिस्तान तैयार है। शरीफ ने एक्स पर पोस्ट में कहा, पाकिस्तान मध्य पूर्व में युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत की चल रही कोशिशों का स्वागत करता है और उन्हें पूरा समर्थन देता है, ताकि इस क्षेत्र और उससे बाहर भी शांति और स्थिरता बनी रहे। उन्होंने आगे कहा, अमेरिका और ईरान की सहमति मिलने पर, पाकिस्तान चल रहे संघर्ष के व्यापक समाधान के लिए सार्थक और निर्णायक बातचीत की मेजबानी करने के लिए तैयार है।
पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट ट्रिब्यून के अनुसार, मीडिया में चल रही खबरों के बाद प्रधानमंत्री का यह औपचारिक प्रस्ताव, असल में सभी पक्षों की तरफ से पहले से ही तय की गई एक सोची-समझी चाल लग रही है।
ट्रंप ने शेयर किया शरीफ का पोस्ट
इधर, ट्रंप ने शरीफ की एक्स पोस्ट के स्क्रीनशॉट को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया है। इसके साथ ही अटकलें तेज हो गईं हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच मेजबानी इस्लामाबाद कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर से जारी संघर्ष को लेकर रविवार को बात की थी। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि उन्होंने दोनों मुल्कों के बीच मध्यस्थता का अनुरोध किया था।
पाकिस्तान के जरिए बातचीत करा रहे हैं ट्रंप
ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेशकश की है। पीटीआई भाषा के अनुसार, अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपी गई। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका की सेना 82वीं 'एयरबोर्न डिवीजन' से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात की तैयारी कर रही है ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके। 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने मंगलवार को अपनी एक खबर में कहा कि 15-सूत्रीय योजना ईरानी अधिकारियों को सौंप दी गई है।
वाइट हाउस ने क्या कहा
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, सवाल किया गया था कि क्या अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, शांति मिशन के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर इस सप्ताह इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मिलेंगे।
इसपर वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा, 'ये बेहद संवेदनशील राजनयिक चर्चाएं हैं, और अमेरिका प्रेस के माध्यम से बातचीत या सौदेबाजी नहीं करेगा। यह एक बदलती हुई स्थिति है, और इन बैठकों के बारे में किसी भी अनुमान को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए जब तक कि वाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न कर दी जाए।'
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