क्या पाकिस्तान में होगी अमेरिका और ईरान की सुलह? वाइट हाउस ने दे दिया बड़ा अपडेट
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत होने से इनकार किया है, लेकिन यह स्वीकार किया है कि क्षेत्र के कुछ देश तनाव कम करने के प्रयास कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान कर रहे हैं।
अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच कहा जा रहा है कि दोनों मुल्कों के बीच बातचीत का काम पाकिस्तान समेत तीन देश संभाल रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर किसी मुल्क ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। इसके साथ ही अटकलें भी लगाई जा रहीं हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है। फिलहाल, अमेरिका ने कहा है कि इस मामले में अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 48 घंटे के अल्टीमेटम को बढ़ाकर 5 दिनों के सीजफायर में बदल दिया है।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, सवाल किया गया था कि क्या अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, शांति मिशन के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) और जारेड कुशनर इस सप्ताह इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मिलेंगे। इसपर उन्होंने साफ जवाब देने से इनकार कर दिया और बताया कि अभी इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
इसपर वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा, 'ये बेहद संवेदनशील राजनयिक चर्चाएं हैं, और अमेरिका प्रेस के माध्यम से बातचीत या सौदेबाजी नहीं करेगा। यह एक बदलती हुई स्थिति है, और इन बैठकों के बारे में किसी भी अनुमान को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए जब तक कि व्हाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न कर दी जाए।'
पाकिस्तान समेत 3 देश कर रहे बातचीत
खबरों के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत होने से इनकार किया है, लेकिन यह स्वीकार किया है कि क्षेत्र के कुछ देश तनाव कम करने के प्रयास कर रहे हैं। एक्सियोस समाचार वेबसाइट ने एक अमेरिकी सूत्र के हवाले से बताया कि पिछले दो दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान कर रहे हैं। अमेरिकी सूत्र ने एक्सियोस को बताया कि इन तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने व्हाइट हाउस के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से अलग-अलग बातचीत की।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की जिसमें पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। पीएमओ ने एक बयान में कहा कि शरीफ ने पेजेश्कियान से 'खाड़ी क्षेत्र में जारी खतरनाक शत्रुता' को लेकर अपनी 'गंभीर चिंता' व्यक्त की।
बयान में कहा गया है, 'इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री ने सभी पड़ोसी देशों के बीच मतभेदों को सुलझाने के लिए सामूहिक रूप से काम करने, तनाव कम करने और संवाद एवं कूटनीति की ओर लौटने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।'
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