Europe planing coalition for Strait of Hormuz security US Donald Trump excluded डोनाल्ड ट्रंप को ठेंगा दिखाने की तैयारी में यूरोप, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर पक रही कौन सी खिचड़ी?, International Hindi News - Hindustan
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डोनाल्ड ट्रंप को ठेंगा दिखाने की तैयारी में यूरोप, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर पक रही कौन सी खिचड़ी?

अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ती दूरियां जगजाहिर हो चुकी हैं। बीते कुछ दिनों में ट्रंप ने जिस तरह पश्चिमी देशों की आलोचना की है, उसके बाद कई देशों ने खुलकर अमेरिका के खिलाफ बयान दिए हैं। यह खाई बढ़ती ही जा रही है।

Wed, 15 April 2026 09:36 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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डोनाल्ड ट्रंप को ठेंगा दिखाने की तैयारी में यूरोप, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर पक रही कौन सी खिचड़ी?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान में चल रही तनातनी के बीच अब यूरोप के नए प्लान से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका लग सकता है। दरअसल यूरोप के देश होर्मुज की सुरक्षा के लिए एक नया समूह बनाने की योजना पर गुपचुप तरीके से काम कर रहे हैं और ट्रंप को इससे दूर रखने का ही प्लान है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस योजना में अमेरिका को जानबूझकर शामिल नहीं किया जा रहा है। इस कदम को अमेरिका और पश्चिमी देशों के बीच हाल के दिनों में बढ़ी दूरियों का नतीजा माना जा रहा है। अहम बात यह है कि इस योजना से जहां एक तरफ अमेरिका को दूर रखने की बात कही गई है, वहीं संकेत मिले हैं कि इसे लागू करने के लिए ईरान और ओमान जैसे क्षेत्रीय देशों के साथ तालमेल को भी जरूरी माना जा रहा है।

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खुलकर बताया इरादा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हाल ही में एक बयान में कहा है कि इस मिशन में वे देश शामिल नहीं होंगे जो इस संघर्ष का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय प्रयास होगा, जो जंग में शामिल पक्षों के साथ नहीं किया जा सकता। जर्मनी ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है। अब इस योजना को लागू करने के लिए इस हफ्ते मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर कई देशों के साथ एक बैठक भी कर सकते हैं, जिसमें इस योजना पर चर्चा होगी। इस बैठक में अमेरिका को शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं चीन और भारत को बुलावा भेजा जाएगा।

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क्या है मकसद?

होर्मुज को लेकर यूरोप के इस प्रस्तावित “इच्छुक देशों के समूह” का मकसद यह है कि जब इस इलाके में जंग खत्म हो जाए, तब समुद्री व्यापार पहले की तरह हो सके। वियोन की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना के तीन मुख्य उद्देश्य हैं। पहला, इस रास्ते में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालना। दूसरा, समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को साफ करना। और तीसरा, जंग के बाद भी जहाजों की सुरक्षा के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना। इसके अलावा योजना के तहत बारूदी सुरंगों को हटाना सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

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