China President Xi Jinping presented 4 point peace plan strait of Hormuz मिडल ईस्ट की मसीहा बनने की कोशिश में चीन! दिया शांति का फॉर्मूला; होर्मुज पर US को धमका चुका, International Hindi News - Hindustan
More

मिडल ईस्ट की मसीहा बनने की कोशिश में चीन! दिया शांति का फॉर्मूला; होर्मुज पर US को धमका चुका

चीन का कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम चल रहा है। इस दौरान दोनों देशों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में बैठकर शांति वार्ता भी की। यह शांति वार्ता 21 घंटे तक चली लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला।

Wed, 15 April 2026 09:23 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
share
मिडल ईस्ट की मसीहा बनने की कोशिश में चीन! दिया शांति का फॉर्मूला; होर्मुज पर US को धमका चुका

पश्चिम एशिया में जारी तनाव में अब चीन की दिलचस्पी बढ़ती नजर आ रही है। खबर है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 4 सूत्रीय एक प्रस्ताव रखा है। खास बात है कि यह प्रस्ताव अबू धाबी के क्राउन प्रिंस जायेद अल नहयान के साथ हुई हालिया बैठक के दौरान रखा है। यह प्रस्ताव ऐसे समय पर आया है, जब चीन ने एक दिन पहले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी थी।

ये हैं चार प्रस्ताव

शी ने शांति पर जोर देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के लिए एक साझा, विस्तृत, सहयोगपूर्ण और टिकाऊ सुरक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का भी पूरी तरह सम्मान होना चाहिए। साथ ही नागरिकों और बुनियादी ढांचों की भी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।

शी ने कहा कि दुनिया को जंगल बनाने से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने विकास और सुरक्षा के सामंजस्य पर जोर देते हुए सभी पक्षों से साथ आकर क्षेत्रीय विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने अनुरोध किया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान-US में सुलह कराएगा फ्रांस? होर्मुज संकट के बीच इमैनुएल मैक्रों की एंट्री

पाकिस्तान वार्ता के बीच आया प्रस्ताव

चीन का कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम चल रहा है। इस दौरान दोनों देशों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में बैठकर शांति वार्ता भी की। यह शांति वार्ता 21 घंटे तक चली लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला, जिससे युद्धविराम पर संकट के बादल मंडराने लगे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:होर्मुज नाकेबंदी पर ट्रंप के दावे फुस्स, स्ट्रेट से गुजरे ईरान से जुड़े जहाज

अमेरिका को धमकाया

एक दिन पहले ही चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन ने नाकेबंदी को लेकर चेतावनी जारी की थी। उन्होंने कहा, 'हमारे जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पानी में आ और जा रहे हैं। ईरान के साथ हमारे व्यापार और ऊर्जा के समझौते हैं। हम उन समझौतों का सम्मान करेंगे और उन्हें निभाएंगे, और हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे हमारे मामलों में दखल नहीं देंगे।' खास बात है कि चीन, ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार है।

रूस ने भी की थी पेशकश

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता सफल नहीं होने के बाद रूस ने भी शांति समझौते में दिलचस्पी दिखाई थी। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से रविवार को फोन पर बात की थी। क्रेमलिन की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि पुतिन ने संकट का कूटनीतिक समाधान निकालने के लिए मदद की पेशकश भी की थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान के बाद US ने भी कर दी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की घेराबंदी, भारत पर इसका कैसा असर

रूसी मंत्री की चीन यात्रा

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव चीन दौरे पर पहुंचे हैं जहां वह अपने समकक्ष के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। लावरोव ने कहा कि उनकी योजना रूस के राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच नए संपर्कों की तैयारियों पर चर्चा करने की है। उन्होंने यह भी बताया कि इन मुलाकातों की योजना पहले से ही बन चुकी है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।