जब चाहें बुला लें या फोन कर लें, ईरान से बातचीत पर डोनाल्ड ट्रंप की दो-टूक; नाटो पर भी बरसे
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहाकि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं। ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज चैनल’ पर एक साक्षात्कार में कहाकि उन्होंने उड़ान में 17 घंटे का समय लगाकर प्रतिनिधिमंडल भेजने के बजाय यह निर्णय लिया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहाकि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं। ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज चैनल’ पर एक साक्षात्कार में कहाकि उन्होंने उड़ान में 17 घंटे का समय लगाकर प्रतिनिधिमंडल भेजने के बजाय यह निर्णय लिया। उन्होंने कहाकि हमारे पास सभी विकल्प मौजूद हैं। अगर वे बात करना चाहते हैं, तो वे हमारे पास आ सकते हैं, या वे हमें फोन कर सकते हैं।
इस्लामाबाद नहीं जाने दिए दूत
शनिवार को वार्ता तब विफल होती दिखी, जब तेहरान के शीर्ष राजनयिक पाकिस्तान से रवाना हो गए थे। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने कहाकि उन्होंने दूतों को इस्लामाबाद की यात्रा न करने के लिए कहा था। उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के बारे में पूछे जाने पर, ट्रंप ने कहाकि वह इस सैन्य गठबंधन से ‘बहुत, बहुत निराश’ हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि अमेरिका इस गठबंधन से अलग होने पर विचार कर सकता है, क्योंकि सदस्य देशों ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद उनकी मदद की अपील को नजरअंदाज कर दिया। ट्रंप ने कहाकि हम कई वर्षों से उनकी मदद कर रहे हैं। खरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं और जब हमें उनकी मदद चाहिए थी तो वे मौजूद नहीं थे। इसलिए हमें यह बात याद रखनी होगी।
पाकिस्तान से लौट आए अराघची
पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व द्वारा तेहरान और वॉशिंगटन के बीच युद्धविराम वार्ता को फिर से शुरू करने के प्रयासों के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को फिर से इस्लामाबाद पहुंचे। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अराघची शनिवार देर रात पाकिस्तान की राजधानी से रवाना हो गए थे, जिससे दूसरे दौर की संभावित वार्ता को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि वह मॉस्को जाने से पहले इस्लामाबाद लौट आए। अराघची ओमान गए थे, जिसने पूर्व में वार्ता में मध्यस्थता की थी। ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य के दूसरी ओर स्थित है।
पाकिस्तानी अधिकारियों को भी पता नहीं
पाकिस्तानी अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस महीने की शुरुआत में हुई आमने-सामने की वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए क्षेत्र में कब लौट सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय वाइट हाउस ने शुक्रवार को कहाकि वह वार्ता के दूसरे दौर के लिए स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को इस्लामाबाद भेजेगा। लेकिन अराघची के रवाना होने की खबर आने के कुछ ही समय बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के साथ बातचीत में प्रगति न होने के कारण मिशन रद्द कर दिया है। उन्होंने कहाकि वे जब चाहें हमें बुला सकते हैं।
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