रडार, रनवे और एयरक्राफ्ट खत्म, रिपेयर करने में निकलेगा अमेरिका का दम; ईरान ने दी बड़ी चोट
अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल संघर्षविराम है। शांतिवार्ता के रास्ते तलाशे जा रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच ईरान ने अमेरिका को जमकर चोट पहुंचाई है। ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिका के बेस को निशाना बनाते हुए हमले किए हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल संघर्षविराम है। शांतिवार्ता के रास्ते तलाशे जा रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच ईरान ने अमेरिका को जमकर चोट पहुंचाई है। ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिका के बेस को निशाना बनाते हुए हमले किए हैं। इन हमलों में अमेरिकी बेस को काफी तगड़ा नुकसान पहुंचा है और कई जगहों पर रडार, रनवे और एयरक्राफ्ट खत्म हो गए हैं। शुरुआती रिपोर्ट में भी नुकसान की बात कही गई थी, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक यह नुकसान बहुत ज्यादा है। बताया जाता है कि जिस स्तर पर नुकसान हुआ है, सार्वजनिक स्तर पर उतनी जानकारी सामने नहीं दी गई है।
रिपेयर में खर्च होगी बड़ी रकम
अमेरिकी अधिकारियों ने इस बारे में एनबीसी न्यूज से बात की है। इसके मुताबिक इस बेस को रिपेयर कराने में अमेरिका को कई बिलियन डॉलर खर्च करने पड़ेंगे। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला बोला था। इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित कई अमेरिकी को ठिकानों को निशाना बनाया। जानकारी के मुताबिक करीब सात देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इनमें स्टोरेज वेयरहाउस, कमांड सेंटर्स, एयरक्राफ्ट हैंगर्स और सैटेलाइट कम्यूनिकेशन शामिल हैं।
राडार, रनवे और एयरक्राफ्ट खत्म
इसके अलावा इन हमलों में रनवे, रडार सिस्टम और कुछ एयरक्राफ्ट को नुकसान पहुंचा है। यह सभी चीजें मिलिट्री मूवमेंट और सर्विलांस के लिए बेहद जरूरी थीं। एक मामला तो ऐसा था, जिसमें ईरान के पुराने एफ-5 फाइटर जेट ने मजबूत अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम में सेंध मारने में कामयाबी हासिल कर ली थी। हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग ने नुकसान का सटीक आंकड़ा साझा नहीं किया है। यहां तक कि यूएस सेंट्रल कमांड ने भी ईरान के हमलों में हुए नुकसान के बारे में जानकारी नहीं दी है।
देश के अंदर भी उठे सवाल
कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। एक सहायक ने कहाकि बार-बार पूछने के बावजूद, उन्हें आज तक पता नहीं कि सही तस्वीर क्या है। उसने कहाकि पेंटागन लगातार बजट बढ़ाने की बात कर रहा है। लेकिन ईरान के हमलों में देश के संसाधनों का कितना नुकसान हुआ है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। जानकारी के मुताबिक पेंटागन, अमेरिकी कांग्रेस से 200 बिलियन डॉलर की रकम मांगी है, ताकि ईरान में युद्ध की जरूरतें पूरी की जा सकें। युद्ध के पहले हफ्ते में ही, अमेरिका केवल सैन्य संचालन में 11 बिलियन डॉलर खर्च कर चुका है।
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